नई दिल्ली। कई राज्यों की उदासीनता की वजह से पीएम किसान (PM KISAN) का फायदा करीब 68 लाख किसानों को नहीं मिल पाया है। मोदी सरकार (Modi government) ने यह स्कीम इस बार के अंतरिम बजट 2019 (Interim budget 2019) में लागू की थी। पश्चिम बंगाल, सिक्किम और दिल्ली जैसे राज्यों ने अभी तक किसानों का नाम इस योजना के तहत पोर्टल पर नहीं डाला है, जिससे यहां के किसानों को इस स्कीम का पहली किस्त का 2000 रुपया नहीं मिल पाया है। जबकि कई राज्यों के लाखों को किसानों का यह पैसा मिल चुका है। इस योजना के तहत 5 एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को हर साल तीन किस्त में 6000 रुपये दिया जाना है। पहली किस्त 31 मार्च तक दी जानी है, जबकि 1 अप्रैल से दूसरी किस्त किसानों को मिलेगी।

कृषि मंत्री ने दी जानकारी
केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया है कि बीते रविवार तक पश्चिम बंगाल, सिक्किम और दिल्ली ने एक भी किसान का नाम पीएम किसान पोर्टल (PM KISAN portal) पर नहीं अपलोड किया है। उनके कई 67.82 लाख किसान अभी तक इस स्कीम का फायदा नहीं ले पाए हैं, क्यों कि उनके नाम राज्यों ने इस पोर्टल पर अपलोड नहीं किए हैं।
पैसा होने के बाद भी नहीं दिया किसानों को लाभ
कृषि मंत्री ने बताया है कि पश्चिम बंगाल के करीब 67.11 किसानों को इस स्कीम का फायदा मिलना है। इसके लिए राज्य को 1342 करोड़ रुपये उपलब्ध भी करा दिया गया है, लेकिन यह पैसा किसानों तक नहीं पहुंचा है। वहीं पीएम किसान (PM- KISAN) स्कीम के तहत सिक्किम के 55,090 किसानों के लिए 11 करोड़ रुपये राज्य को उपलब्ध करा दिया है और दिल्ली के 15,880 किसानों के लिए 3 करोड़ रुपये का फंड राज्य को दिया जा चुका है, लेकिन नाम पीएम किसान पोर्टल (PM- KISAN portal) पर न डाले जाने के चलते इन तीनों राज्यों के करीब 67.82 लाख किसानों को अभी तक इस स्कीम का फायदा नहीं मिल पाया है।
3.11 करोड़ किसानों को मिला पैसा
सिंह के अनुसार पीएम किसान पोर्टल (PM- KISAN portal) पर अभी तक करीब 4.71 करोड़ किसानों का नाम अपलोड किया गया है। यह डाटा 33 राज्यों और केन्द्र शासित राज्यों ने अपलोड किया है। इसमेंसे 3.11 किसानों का डाटा वेरीफिकेशन के बाद सही पाया गया है। इनमें से करीब 2.75 करोड़ किसानों को पहली किस्ता के रूप में 2000 रुपये ट्रांसफर किया जा चुका है। इसके अलावा 22 लाख किसानों को पैसा भेजने के प्रक्रिया चल रही है।
1.65 करोड़ किसानों के नाम का डाटा गलत
उन्होंने बताया कि पोर्टल पर अपलोड किए गए नामों में से करीब 1.65 करोड़ किसानों का डाटा करेक्शन के लिए राज्यों को वापस भेजा गया है। यह नाम राज्यों ने अभी तक करेक्शन करके वापस नहीं भेजे हैं।
इन राज्यों ने मरी बाजी
पीएम किसान (PM- KISAN) योजना में किसानों को पैसा दिलाने में कई राज्यों ने बाजी मारी है। इनमें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, हिमांचल प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, असम और अंडमान जैसे राज्यों का सबसे आगे है, जहां करीब 40 फीसदी किसानों को इस योजना का पैसा मिल चुका है।
यह राज्य भी अच्छे
वहीं जम्मू कश्मीर, दादर और नागर हवेली, तेलंगाना और तमिलनाडु उन राज्यों में शामिल हैं, जहां पर करीब 25 से लेकर 40 फीसदी किसानों को इस स्कीम की पहली किस्त मिल चुकी है।
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