रिजर्व बैंक (RBI) ने आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) को निजी क्षेत्र के बैंक (Private Sector Bank) की श्रेणी में रख दिया है।
नई दिल्ली: रिजर्व बैंक (RBI) ने आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) को निजी क्षेत्र के बैंक (Private Sector Bank) की श्रेणी में रख दिया है। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के आईडीबीआई बैंक ( IDBI Bank) में बहुलांश हिस्सेदारी के अधिग्रहण के बाद यह कदम उठाया गया है। एलआईसी ने संकट में फंसे आईडीबीआई बैंक में 51 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण जनवरी में पूरा किया।
51 फीसदी हिस्सा LIC का IDBI बैंक में
आरबीआई ने एक बयान में कहा है कि रिजर्व बैंक ( Reserve Bank) ने रेगुलेटरी मकसद से 21 जनवरी 2019 से आईडीबीआई बैंक को निजी क्षेत्र के बैंक की श्रेणी में रखा है। लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन के आईडीबीआई बैंक में पेड-अप कैपिटल का 51 फीसदी अधिग्रहण के बाद बैंक को निजी श्रेणी में डाला गया है।
बैंक PCA फ्रेमवर्क वाले बैंकों में था शामिल
आईडीबीआई बैंक को आरबीआई के तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई रूपरेखा (PCA Framework) के अंतर्गत रखा गया है। PCA फ्रेमवर्क में आने वाले बैंकों पर आरबीआई का कंट्रोल होता। वह उन्हें कर्ज देने से रोकता है।
हालांकि इस बात की भी जानकारी दें कि बैंक ने अपने नये शेयरहोल्डर एलआईसी के साथ मिलकर बैंक तथा बीमा को एक छत के नीचे लाने को लेकर रणनीति तैयार की है।
एलआईसी को करीब 2,000 शाखाएं उपलब्ध होंगी
एलआईसी के आईडीबीआई बैंक में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने से कर्ज के बोझ से दबे बैंक को करीब 10,000 करोड़ से 13,000 करोड़ रुपये का पूंजी समर्थन मिला।
एलआईसी सार्वजनिक क्षेत्र की आईडीबीआई बैंक में बहुलांश हिस्सेदारी खरीदकर बैंकिंग क्षेत्र में उतरने की तैयारी कर रही थी। बैंक की दबाव वाली संपत्तियों के बावजूद इससे उसे कारोबारी तालमेल मिलेगा।
एलआईसी को करीब 2,000 शाखाएं उपलब्ध होंगी जिनके जरिये वह अपने उत्पाद बेच सकेगी। वहीं बैंक को एलआईसी से भारी कोष मिलेगा। इस सौदे से बैंक को करीब 22 करोड़ पालिसीधारकों के खाते और कोष का प्रवाह मिलेगा।
बैंक के ग्राहकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा
इस बात से भी अवगत करा दें कि आरबीआई द्वारा आईडीबीआई को प्राइवेट बैंक घोषित करने से बैंक के ग्राहकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उनके सारे काम उसी तरह होंगे जैसा पहले होते थे। रिजर्व बैंक के गाइडलाइन सरकारी और प्राइवेट बैंकों के लिए एक जैसे होते हैं।
RBI ने SBI समेत 3 बैंकों को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
वहीं दूसरी ओर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा है कि एसबीआई (SBI), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) को 1 अप्रैल तक अतिरिक्त पूंजी आवश्यकता नियमन का अनुपालन करना होगा। केंद्रीय बैंक ने कहा कि ये बैंक बड़े बैंक हैं। इन्हें डी-एसआईबी या घरेलू प्रणाली की दृष्टि से महत्वपूर्ण बैंक माना गया है। हालांकि एसआईबी के तहत आने वाले बैंकों की निगरानी उच्चस्तर पर की जाती है। इस बात का ध्यान रखा जाता है कि इनमें किसी तरह की कोई गड़बड़ी होने पर वित्तीय सेवाओं में संभावित अफरातफरी को रोका जा सके।
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