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जानें किस लिए हेकड़ी दिखाता है CHINA

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नई दिल्ली। आधुनिक समय में किसी भी देश की ताकत सिर्फ सेना ही नहीं होती है, बल्कि उस देश की वित्तीय स्थिति (financial situation) और मजबूत कंपनियां भी होती हैं। फिलहाल चीन (China) भारत (India) से इस मामले में करीब तीन गुना ज्यादा है। यह बात अलग है कि भारत से तेजी से तरक्की कर रहा है और देश की कई कंपनियां दुनिया में असर डाल रही हैं, लेकि चीन इस मामले में अभी भारत से काफी आगे हैं। पिछले दिनों दो बड़ी खबरें अलग-अलग आई, लेकिन हैं काफी अच्छी। एक तो एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) मार्केट कैप के हिसाब से देश की तीसरी बड़ी कंपनी बन गया है। एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) को उपलब्धि बुधवार को मिली, जबकि इस बीच भारत ने मार्केट कैप (Market cap) के हिसाब से कल ही जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए दुनिया में आठवां स्थान हासिल कर लिया है। लेकिन चीन (China) इस मामले में अभी भी भारत से करीब तीन गुना ज्यादा हैसियत रखता है। भारत जिस तेजी से आर्थिक मोर्चे पर पर तरक्की कर रहा है, उससे परेशान चीन जहां भी मौका मिलता है भारत को दबाने की कोशिश करता है। यह मौका चाहे आर्थिक क्षेत्र का हो या अन्य किसी और मामले का। इसमें सबसे खास बात है यह है कि भारत में चीन की कई कंपनियां बड़ा करोबार कर रही हैं, जबकि चीन में भाारत की कंपनियों को ऐसा मौका नहीं मिलता है।

 

मार्केट कैप (Market cap) के हिसाब से 10 बड़े देश

मार्केट कैप (Market cap) का मतलब होता है उस देश में शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू। इस लिहाज से अमेरिका सबसे ऊपर है। अमेरिक की कुल मार्केट कैप 30.17 ट्रिलियन डॉलर है। वहीं 2 नम्बर पर चीन है जिसकी मार्केट कैप 7.16 ट्रिलियन डॉलर है। तीसरे नम्बर पर जापान 5.73 ट्रिलियन डॉलर, चौथे नम्बर पर हांगकांग 5.53 ट्रिलियन डॉलर, 5वें नम्बर पर ब्रिटेन 3.27 ट्रिलियन डॉलर के साथ है। वहीं 6वें नम्बर पर फ्रांस है जिसकी कुल मार्केट कैप 2.43 ट्रिलियन डॉलर है। इसके बाद कनाडा 2.15 ट्रिलियन डॉलर के साथ है, जबकि भारत की स्थिति इस लिस्ट में 2.12 ट्रिलियन डॉलर के साथ 8वें स्थान पर है। वहीं 9वें स्थान पर जर्मनी 2.08 ट्रिलियन डॉलर और 10वें नम्बर पर साउथ कोरिया 1.45 ट्रिलियन डॉलर के साथ है।

भारत जल्द आ सकता है 6वें स्थान पर

भारत जल्द आ सकता है 6वें स्थान पर

मार्केट कैप (Market cap) के हिसाब से अभी छठवें स्थान पर फ्रांस है, जिसकी मार्केट कैप 2.43 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि भारत की मार्केट कैप 2.12 ट्रिलियन डॉलर है। इस प्रकार दोनों देशों की मार्केट कैप में केवल 0.31 ट्रिलियन डॉलर का ही फासला ही बचा है। अगर भारत का शेयर बाजार पिछले तीन दिनों जैसी तेजी दिखता रहा तो कुछ ही दिन में भारत फ्रांस को पीछे छोड़ सकता है।

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ये हैं भारत की टॉप 3 कंपनियां
 

ये हैं भारत की टॉप 3 कंपनियां

मार्केट कैप के हिसाब से HDFC Bank ने भी हासिल किया मुकाम

बुधवार यानी 13 मार्च 2019 को एचडीएफसी बैंक (hdfc bank) का बाजार पूंजीकरण (Market capitalization) 6 लाख करोड़ रुपये के पार हो गया है। इसके साथ ही यह देश की तीसरी बड़ी मूल्यवान वाली कंपनी बन गई है। वहीं अभी भी देश में बाजार पूंजीकरण (Market capitalization) के मामले में करीब 8.50 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण (Market capitalization) के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) नबंर एक पर बनी हुई है। जबकि 7.50 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) तीसरी बड़ी कंपनी है।

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ये हैं चीन की बड़ी कंपनियां

ये हैं चीन की बड़ी कंपनियां

दुनिया के सभी देशों में लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट कैप (Market cap) करीब 77.79 ट्रिलियन डॉलर है। इस लिहाज से करीब 40 फीसदी से ज्यादा मार्केट कैप (Market cap) सिर्फ अमेरिकी कंपनियों की है। वहीं दूसरी तरफ चीन की दुनिया के मार्केट कैप (Market cap) बाजार में हिस्सेदारी 9 फीसदी से ज्यादा है, जबकि भारत की हिस्सेदारी केवल 3 फीसदी के आसपास ही है।

चीन की टॉप मार्केट वाली कंपनियां

-Alibaba Group Holding

468.41 अरब डॉलर

32.79 लाख करोड़ रुपये

-Tencent Holdings

मार्केट कैप-3.40 ट्रिलियन हॉन्गकॉन्ग डॉलर

30 लाख करोड़ रुपये

-Industrial and Commercial Bank of China

-1.94 ट्रिलियन हॉन्गकॉन्ग डॉलर

-17.02 लाख करोड़ रुपये

-China Construction Bank Corp

मार्केट कैप- 1.746 ट्रिलियन हॉन्गकॉन्ग डॉलर

15.50 लाख करोड़ रुपये

-China Mobile

मार्केट कैप-1.74 ट्रिलियन हॉन्गकॉन्ग डॉलर

15.43 लाख करोड़ रुपये

नोट : चीन की कंपनियों की मार्केट कैप 14 मार्च 2019 के लाइव स्टॉक प्राइस के आधार पर।

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English summary

know How India economic growth teases China Why China does bother India

Why does China continue to leave behind India on every front.
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