संकट से जूझ रही विमानन कंपनी जेट एयरवेज को बड़ी राहत मिली है। जेट को पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) से 20.50 अरब रुपये का कर्ज मिल गया है।
नई दिल्ली: संकट से जूझ रही विमानन कंपनी जेट एयरवेज को बड़ी राहत मिली है। जेट को पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) से 20.50 अरब रुपये का कर्ज मिल गया है। सरकार ने जेट एयरवेज को वित्तीय संकट से उबारने का फैसला किया है। जेट एयरवेज को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से 2,050 करोड़ रुपये का कर्ज मिल गया है। जेट एयरवेज, PNB से 1,100 करोड़ रुपये का फॉरेन करेंसी टर्म लोन और 950 करोड़ रुपये की क्रेडिट फैसिलिटी हासिल की।

जानकारी दें कि सरकार जेट एयरवेज की स्थिति पर करीब से निगरानी कर रही है। यहां तक कि वित्तीय रूप से कमजोर एयरलाइंस को बचाने के लिए भी बातचीत जारी है। सरकार का रुख विशेष रूप से मायने रखता है, क्योंकि कर्जदाता एयरलाइन के प्रमुख हितधारकों से कंपनी के कर्ज के एक हिस्से को शेयर के रूप में बदलने के एक प्रस्ताव को आगे बढ़ाने पर बातचीत कर रहे हैं। बता दें कि वाणिज्य व उद्योग व नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु का कहना हैं कि सरकार करीब से स्थिति पर नजर रख रही है।
वहीं जानकारी दें कि इससे पहले दो एयरलाइंस ऐसी मुश्किल में घिरी थीं। पहली किंगफिशर एयरलाइंस थी जो नकदी संकट की वजह से डेली ऑपरेशन चालू रखना मुश्किल हो गया था। वर्ष 2012 में किंगफिशर एयरलाइंस बंद हो गई थी। किंगफिशर एयरलाइंस के प्रमोटर विजय माल्या ने फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) के जरिए किंगफिशर एयलाइन को चलाने की कोशिश की थी, लेकिन यूपीए सरकार ने उनकी नहीं सुनी और अक्टूबर 2012 में किंगफिशर बंद हो गई।
वहीं दो साल बाद दूसरी एयरलाइन स्पाइसजेट भी नकदी संकट में घिर गई, जिसकी वजह से कंपनी का डेली ऑपरेशन प्रभावित हुआ। कंपनी पर कर्जदारों का कर्ज बढ़ गया, लेकिन इस स्थिति में NDA सरकार ने बैकडोर से स्पाइसजेट को इस संकट से उबारा। बिजनेसमैन अजय सिंह ने स्पाइसजेट को उड़ान दी। उन्होंने उस समय के प्रोमोटर मारन से स्पाइसजेट की हिस्सेदारी खरीद ली।
खुशी की बात तो यह हैं कि जेट एयरवेज को बचाने में सरकार का साथ मिलता दिख रहा है। सरकार ने गुरुवार को कहा था कि वो जेट एयरवेज के टिकट सेल पर रोक नहीं लगाएगी, क्योंकि इससे इंडस्ट्री में घबराहट बढ़ जाएगी। वहीं डीजीसीए द्वारा पारित एयरलाइंस के उड़ान कार्यक्रमों के पालन की निगरानी के लिए उचित तंत्र स्थापित किया है।
बता दें कि जेट एयरवेज ने पिछले हफ्ते कहा था कि किराए पर विमान देने वाली कंपनियों को किराया नहीं देने की वजह से तीन और विमानों को संचालन से हटाना पड़ा था। इन तीन विमानों के साथ ही अब तक कंपनी के 28 विमान संचालन से हट चुके हैं। हाल ही में किराए पर विमान मुहैया कराने वाली कंपनी ने जेट के साथ कॉन्ट्रैक्ट को खत्म करने की चेतावनी दी थी।


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