अमेरिका के बाद चीन रक्षा बजट के मामले में दूसरे नंबर पर है। जी हां चीन ने अमेरिका के बाद रक्षा पर सबसे अधिक खर्च करने वाले इस मद में भारी आवंटन का सोमवार को बचाव किया।
अमेरिका के बाद चीन रक्षा बजट के मामले में दूसरे नंबर पर है। जी हां चीन ने अमेरिका के बाद रक्षा पर सबसे अधिक खर्च करने वाले इस मद में भारी आवंटन का सोमवार को बचाव किया। साथ ही उसने इस वर्ष रक्षा बजट को और अधिक बढ़ाये जाने का इशारा किया और कहा कि उसने किसी अन्य देश के लिए कोई 'खतरा' उत्पन्न नहीं किया है।

पिछले साल रक्षा बजट में 8.1 प्रतिशत तक का इजाफा
आपको इस बात की जानकारी दें कि चीन ने पिछले साल अपने रक्षा बजट में 8.1 प्रतिशत तक का इजाफा किया था। इससे रक्षा क्षेत्र पर उसका व्यय बढ़कर 175 अरब डॉलर हो गया, जो भारत की तुलना में तीन गुना अधिक है। वहीं उम्मीद है कि चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग मंगलवार को नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के वार्षिक सत्र के दौरान अपने कामकाज के ब्योरे में सटीक आंकड़ों की घोषणा करेंगे।
भारत का रक्षा बजट पाकिस्तान के मुकाबले 5 गुना ज्यादा
वहीं भारत का रक्षा बजट पाकिस्तान के मुकाबले 5 गुना ज्यादा है। वहीं पाकिस्तान का रक्षा बजट सिर्फ 11 अरब डॉलर है। अगर चीन के रक्षा के बजट से पाकिस्तान के रक्षा बजट की तुलना की जाए तो ये करीब 16 गुना ज्यादा है।
चीन रक्षा पर भारी खर्च जारी
हालांकि एनपीसी के प्रवक्ता झांग येसुई ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में संकेत दिया कि चीन रक्षा पर भारी खर्च जारी रखेगा। झांग ने कहा, 'कोई देश किसी अन्य देश के लिए सैन्य खतरा है या नहीं, इसका आकलन रक्षा खर्च में बढ़ोत्तरी से नहीं बल्कि उसकी विदेश और राष्ट्रीय रक्षा नीति के आधार पर किया जाना चाहिए।' उन्होंने कहा कि देश के रक्षा व्यय में बढ़ोत्तरी कई अन्य 'प्रमुख विकासशील देशों' की तुलना में कम है। भारत का रक्षा बजट 58 अरब डॉलर है।


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