रिजर्व बैंक ने मंगलवार को दो सरकारी बैंकों इलाहाबाद बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक को तत्काल सुधार की श्रेणी (पीसीए) से बाहर कर दिया।
रिजर्व बैंक ने मंगलवार को दो सरकारी बैंकों इलाहाबाद बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक को तत्काल सुधार की श्रेणी (पीसीए) से बाहर कर दिया। इतना ही नहीं इसके साथ इन बैंकों पर आगे बढ़कर कर्ज देने समेत अन्य पाबंदियां हट गई है। निजी क्षेत्र के धनलक्ष्मी बैंक को भी तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) रुपरेखा दायरे से बाहर कर दिया गया है।
इस बात की जानकारी दे कि इससे पहले, 31 जनवरी को बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स को पीसीए रूपरेखा से बाहर किया गया था।

बैंकों में 21 फरवरी को डाली गई नकदी पर गौर किया
इस बात से अवगत करा दें कि एक बयान में आरबीआई ने कहा कि वित्तीय निगरानी बोर्ड (बीएफएस) ने पीसीए के तहत बैंकों के कामकाज की समीक्षा की और तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के अंतर्गत रखे गए कुछ बैंकों समेत विभिन्न बैंकों में 21 फरवरी को डाली गई नकदी पर गौर किया।
इस नकदी में से इलाहाबाद बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक को क्रमश: 6,896 करोड़ रुपये और 9,086 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। केंद्रीय बैंक ने कहा कि पूंजी मिलने से इन बैंकों का पूंजी कोष तथा कर्ज नुकसान के समक्ष प्रावधान बढ़ेगा जिससे पीसीए मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित हो सके।
कॉर्पोरेशन बैंक का एनपीए दिसंबर अंत में कुल कर्ज का 17.36
आरबीआई ने कहना हैं कि बीएफएस ने 31 जनवरी 2019 को हुई बैठक में जिन सिद्धांतों को अपनाया था, उसके आधार पर 26 फरवरी 2019 की बैठक में इलाहाबाद बैंक तथा कारपोरेशन बैंक को पीसीए रूपरेखा से बाहर करने का फैसला किया गया। यह कुछ शर्तों तथा निरंतर निगरानी पर निर्भर है। कॉर्पोरेशन बैंक का एनपीए दिसंबर अंत में कुल कर्ज का 17.36 प्रतिशत था जो एक साल पहले इसी महीने में 15.92 प्रतिशत थी।
वहीं इलाहाबाद बैंक का कुल एनपीए दिसंबर 2018 में 17.81 प्रतिशत पहुंच गया था। जो कि एक साल पहले इसी महीने में 14.38 प्रतिशत पर था। हालांकि रिजर्व बैंक ने कहा है कि उसने धनलक्ष्मी बैंक को भी पीसीए रूपरेखा के दायरे से बाहर करने का फैसला लिया है। जो कि कुछ शर्तों और निरंतर निगरानी पर निर्भर है। जानकारी दे कि बैंक को पीसीए रुपरेखा की जोखिम सीमा का पालन करने को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
पांच बैंक अभी भी पीसीए रूपरेखा के दायरे में बने हुए
सार्वजनिक क्षेत्र के पांच बैंक यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक तथा देना बैंक अब भी पीसीए रूपरेखा के दायरे में बने हुए हैं। इसके अंतर्गत आने वाले बैंकों पर कर्ज देने पर पाबंदी समेत अन्य प्रतिबंध लग जाते हैं। पीसीए रूपरेखा सरकार तथा आरबीआई के बीच विवाद का मुद्दा रहा है। सरकार चाहती है कि केंद्रीय बैंक पीसीए रूपरेखा को वैश्विक मानदंडों के अनुरूप बनाये।
More From GoodReturns

इंडिपेंडेंस डे स्पेशल FD: आज रात खत्म हो रहा है निवेश का मौका, पैसा लगाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

नया मल्टी-एसेट NFO: SIP या एकमुश्त, निवेश से पहले ये 5 बातें जरूर जानें

Sugar Stocks: चीनी की कीमतों में आग, इन 7 शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग की दमदार रणनीति

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Tempsens Instruments IPO: आज से खुला निवेश का मौका, जानें प्राइस बैंड और लॉट साइज की पूरी डिटेल

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

PMFBY खरीफ 2026: आज है रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, बैंक बंद होने पर भी ऐसे करें आवेदन



Click it and Unblock the Notifications