नई दिल्ली। एरिक्सन के साथ बकाया विवाद में 550 करोड़ रुपये चुकाने के लिए आरकॉम समूह के मालिक अनिल अंबानी (Anil Ambani) ने कोशिशें शुरू कर दी हैं। उन्होंने बैंकों में जमा आयकर रिफंड औररिलायंस म्यूचुअल फंड (Reliance Mutual Fund) में हिस्सेदारी बेचकर यह रकम जुटाने की योजना बनाई है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों कड़ा फैसला दिया है और एक माह के अंदर एरिक्सन को पैसों का भुगतान करने को कहा गया है। ऐसा न होने पर सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी (Anil Ambani) और कंपनी के दो निदेशकों को जेल भेजने की बात कही है।

ये है पैसा जुटाना की योजना
रिलायंस म्यूचुअल फंड (Reliance Mutual Fund) के प्रवक्ता के अनुसार बैंकों को पत्र लिखकर आयकर रिफंड के रूप में जमा 260 करोड़ रुपये सीधे एरिक्सन को भुगतान करने को कहा है। समूह की ओर से 118 करोड़ रुपये पहले ही सुप्रीम कोर्ट में जमा करा दिए गए थे।बाकी बचे 172 करोड़ रुपये जुटाने के लिए अनिल अंबानी रिलायंस म्यूचुअल फंड (Reliance Mutual Fund) में अपनी हिस्सेदारी बेचने कर जुटाना चाहती है। रिलायंस म्यूचुअल फंड (Reliance Mutual Fund) में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने के लिए वेंचर में शामिल जापानी कंपनी को पेशकश की है। यह कवायद पैसे न चुकाने पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से तीन महीने जेल की सजा से बचने के लिए की जा रही है।
पहली सूचीबद्ध रिलायंस म्यूचुअल फंड (Reliance Mutual Fund)
जापान की निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के साथ संयुक्त भागीदारी वाली रिलायंस म्यूचुअल फंड (Reliance Mutual Fund) एक लिस्टेड कंपनी है। रिलायंस म्यूचुअल फंड (Reliance Mutual Fund) में जापानी कंपनी की 42.88 फीसदी, जबकि रिलायंस की 42.9 फीसदी हिस्सेदारी है। अनिल अंबानी (Anil Ambani) ने कंपनी की पूरी हिस्सेदारी निप्पॉन को बेचने की पेशकश की है। इसके अलावा उन्होंने रिलायंस पावर में भी 30 फीसदी हिसेदारी बेचने की घोषणा की है।
रिलायंस म्यूचुअल फंड (Reliance Mutual Fund) आर्थिक स्थिति
रिलायंस म्यूचुअल फंड (Reliance Mutual Fund) मुनाफा कमाने वाली कंपनी है। 31 दिसंबर, 2018 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही में कंपनी ने 110 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ है। वहीं रिलायंस म्यूचुअल फंड (Reliance Mutual Fund) में हिस्सेदारी बेचने की खबरों से इसके शेयर गुरुवार को करीब 12.57 फीसदी उछलकर 175.50 रुपये पर आ गए।
260 करोड़ तत्काल एरिक्सन को दें
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अनिल अंबानी (Anil Ambani) ने पैसा जुटाने की कवायद तेज कर दी है। इसके तहत पूरा समूह समय से भुगतान करने के लिए तेजी से फैसले ले रहा है। इसमें वह सभी कदम उठाने के बारे में विचार किया जा रहा है जिससे पैसा सुप्रीम कोर्ट की डेड लाइन के अंदर एरिक्शन को चुकाया जा सके।
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