सरकारी बैंकों में 48, 239 करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी सरकार

सरकार ने 12 PSU बैंकों के रि‍कैप‍िटलाइजेशन प्‍लान को मंजूरी दे दी है। सरकार ने 12 बैंकों में चालू वित्त वर्ष में 48,239 करोड़ रुपए की पूंजी डालने की घोषणा की है।

सरकार ने 12 PSU बैंकों के रि‍कैप‍िटलाइजेशन प्‍लान को मंजूरी दे दी है। सरकार ने 12 बैंकों में चालू वित्त वर्ष में 48,239 करोड़ रुपए की पूंजी डालने की घोषणा की है। इससे बैंकों को नियामकीय पूंजी जरूरतों और उनकी वित्तीय वृद्धि योजनाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने कहा कि सरकार कॉरपोरेशन बैंक में 9,086 करोड़ रुपए और इलाहाबाद बैंक में 6,896 करोड़ रुपए की पूंजी डालेगी। ये दोनों बैंक फिलहाल रिजर्व बैंक की त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) के तहत है और फिलहाल दोनों का प्रदर्शन अच्छा है।

 Modi Government To Infuse Rs 48239 Crore In 12 PSU Banks

बैंक ऑफ इंडिया को 4638 करोड़ और बैंक ऑफ महाराष्ट्र को 205 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इन बैंकों ने हाल ही में आरबीआई के रेग्युलेटरी सुपरविजन फ्रेमवर्क पीसीए की निगरानी से बाहर आए हैं।

कुमार ने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक को 5908 करोड़, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 4112 करोड़ आंध्रा बैंक को 3256 करोड़ और सिंडिकेट बैंक को 1603 करोड़ रुपये मिलेंगे।

सरकार पीसीए के दायरे में शामिल अन्य चार बैंकों में 12535 करोड़ रुपये डालेगी। वहीं इनमें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनाइटेड बैंक, यूको बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक शामिल हैं।सरकार ने दिसंबर में सात सरकारी बैंकों में रिकैपिटलाइजेशन बॉन्ड के तहत 28,615 करोड़ रुपये इन्फ्यूज किए थे।

इन बैंकों में डाली गयी रकम

बैंक ऑफ इंडिया 4638 करोड़ रुपये, पीएनबी में 5908 करोड़ रुपये, कॉरपोरेशन बैंक में 9086 करोड़ रुपये, यूनियन बैंक में 4112 करोड़ रुपये सिंडिकेट बैंक में 1603 करोड़ रुपये, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 2560 करोड़ रुपये, आंध्रा बैंक में 3256 करोड़ रुपये, यूनाइटेड बैंक में 2839 करोड़ रुपये, यूको बैंक में 3330 करोड़ रुपये, बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 205 करोड़ रुपये और इंडियन ओवरसीज बैंक 3806 करोड़ रुपये।

पीसीए में बैंकों को क्‍यों रखा जाता

रिजर्व बैंक को जब लगता है कि किसी बैंक के पास जोखि‍म का सामना करने को पर्याप्त कैपिटल नहीं है, दिए गए लोन से आय नहीं हो रही और मुनाफा नहीं हो रहा है तो उस बैंक को 'पीसीए' (प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन) में डाल देता है। ताकि उसकी वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाए जा सके। वहीं कोई बैंक कब इस स्थिति से गुजर रहा है, यह मालूम करने के लिए आरबीआई ने सीआरएआर, नेट एनपीए और रिटर्न ऑन एसेट्स जैसे कुछ इंडिकेटर्स तय किए हैं, जिनमें उतार-चढ़ाव से इसका पता चलता है।

बैंकिंग शेयर चमकेंगे

इस बात की जानकारी दे कि बुधवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का बैंकिंग इंडेक्स करीब 300 अंकों की तेजी के साथ बंद हुआ। बैंकिंग स्टॉक्स में सबसे ज्यादा तेजी एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में रही।

बता दें कि पूंजीगत सहायता की घोषणा के पहले इलाहाबाद बैंक का शेयर करीब 6 फीसद जबकि सेंट्रल बैंक का शेयर 4.54 फीसद उछलकर बंद हुआ। वहीं कॉरपोरेशन बैंक का शेयर 4.09 फीसद, इंडियन बैंक 2.74 फीसद, सिंडीकेट बैंक 2.39 फीसद और आंध्रा बैंक 1.92 फीसद की तेजी के साथ बंद हुआ। सरकार की इस घोषणा के बाद गुरुवार के कारोबार में सरकारी बैंकों के शेयर चमक सकते हैं।

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