Forex Market : विदेशी मुद्रा बाजार (Forex Market) में सोमवार को रुपये (Rupee) की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई है। डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया आज 9 पैसे की कमजोरी के साथ 71.31 रुपये के स्तर पर खुला है। वहीं शुक्रवार को रुपया (Rupee) 7 पैसे टूटकर 71.22 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।

विदेशी मुद्रा बाजार (Forex Market) में पिछले 10 दिनों की चाल
-शुक्रवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (Rupee) 7 पैसे की कमजोरी के साथ 71.22 के स्तर पर बंद हुआ था।
-गुरुवार को रुपया (Rupee) 36 पैसे टूटकर 71.16 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।
-बुधवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (Rupee) 10 पैसे टूटकर 70.80 के स्तर पर बंद हुआ।
-डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (Rupee) मंगगलवार को 47 पैसे की जोरदार बढ़त के साथ 70.70 के स्तर पर बंद हुआ।
-रुपया (Rupee) सोमवार डॉलर (dollar) के मुकाबले 13 पैसे बढ़कर 71.17 के स्तर पर बंद हुआ था।
-शुक्रवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया 15 पैसे की मजबूती के साथ 71.30 के स्तर पर बंद हुआ।
-गुरुवार को रुपया 11 पैसे कीमजबूती के साथ 71.45 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
-बुधवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (Rupee) 1 पैसे की बढ़त के साथ 71.55 के स्तर पर बंद हुआ।
-मंगलवार को रुपया (Rupee) 24 पैसे की बढ़त के साथ 71.56 के स्तर पर बंद हुआ है।
-सोमवार को रुपया (Rupee) डालर के मुकाबले 56 पैसे टूटकर 71.80 पर बंद हुआ।
क्यों होता है रुपया (Rupee) कमजोर या मजबूत
रुपये (Rupee) की कीमत पूरी तरह इसकी मांग एवं आपूर्ति पर निर्भर करती है। इस पर आयात एवं निर्यात का भी असर पड़ता है। दरअसल हर देश के पास दूसरे देशों की मुद्रा का भंडार होता है, जिससे वे लेनदेन यानी सौदा (आयात-निर्यात) करते हैं। इसे विदेशी मुद्रा भंडार कहते हैं। समय-समय पर इसके आंकड़े रिजर्व बैंक की तरफ से जारी होते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार के घटने और बढ़ने से ही उस देश की मुद्रा पर असर पड़ता है। अमेरिकी डॉलर (dollar) को वैश्विक करेंसी का रुतबा हासिल है। इसका मतलब है कि निर्यात की जाने वाली ज्यादातर चीजों का मूल्य डॉलर में चुकाया जाता है। यही वजह है कि डॉलर के मुकाबले रुपये (Rupee) की कीमत से पता चलता है कि भारतीय मुद्रा मजबूत है या कमजोर। अमेरिकी डॉलर को वैश्विक करेंसी इसलिए माना जाता है, क्योंकि दुनिया के अधिकतर देश अंतर्राष्ट्रीय कारोबार में इसी का प्रयोग करते हैं। यह अधिकतर जगह पर आसानी से स्वीकार्य है।
आप पर क्या असर
भारत अपनी जरूरत का करीब 80% पेट्रोलियम उत्पाद आयात करता है। डालर (dollar) के मुकाबले रुपये (Rupee) में गिरावट से पेट्रोलियम उत्पादों का आयात महंगा हो जाएगा। इस वजह से तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल के भाव बढ़ा सकती हैं। डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई बढ़ जाएगी, जिसके चलते महंगाई बढ़ सकती है। इसके अलावा, भारत बड़े पैमाने पर खाद्य तेलों और दालों का भी आयात करता है। रुपये (Rupee) की कमजोरी से घरेलू बाजार में खाद्य तेलों और दालों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
More From GoodReturns

Nifty 25,000 की ओर या आएगा Correction? Banking, NBFC और IT Sector पर Expert की बड़ी राय

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

Indo-MIM Listing Today: आज बाजार में होगी धमाकेदार एंट्री! लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सही तरीका

Gold Outlook: Buy on Dip या Sell on Rise? गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर Expert Strategy!



Click it and Unblock the Notifications