नई दिल्ली। पिछले हफ्ते पेश किए गए अंतरिम बजट में किसानों के लिए प्रत्यक्ष आय योजना की योजना पीएम-किसान (PM-Kisan) की घोषणा की थी। इसके तहत किसानों के खातों में रकम अगले हफ्ते से पहुंचने लगेगी। यह जानकारी आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने दी। उन्होंने उन आशंकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा है कि भू-अभिलेखों के कारण पीएम-किसान (PM-Kisan) का भुगतान रुक सकता है।

गंभीर तैयारियां चल रहीं
उन्होंने कहा कि पीएम-किसान (PM-Kisan) की बहुत गंभीरता से तैयारियां चल रही हैं। कुछ राज्य अपनी सूची के साथ तैयार हैं। आप वास्तव में कुछ राज्यों में योजना के तहत 22 फरवरी से पहले रकम का हस्तांतरण देखेंगे, जैसा कि कृषि मंत्री ने भी कहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्य तैयारियों के विभिन्न स्तर पर हैं, लेकिन कुछ राज्यों ने अपनी सूची तैयार रखी है और अगले कुछ दिनों में इसे अपलोड कर दिया जाएगा। हालांकि कुछ राज्यों में जहां पर्याप्त आंकड़े नहीं हैं, वहां पीएम-किसान (PM-Kisan) योजना की रकम के हस्तांतरण में देरी होगी।
कई राज्यों के पास सटीक आंकड़े
उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में पीएम-किसान (PM-Kisan) लायक डेटा बहुत सटीक हैं। लेकिन कुछ राज्य ऐसे हैं, जहां डेटाबेस में मिलान की आवश्यकता है, साथ ही भौतिक पुष्टि की भी जरूरत होगी। लेकिन सभी राज्यों के पास किसानों के जोत के जो आंकड़े हैं, वे मामूली और छोटे हैं। यह परिवार का डेटाबेस बनाने का एक प्रारंभिक बिन्दु है।
बजट में हुई थी पीएम-किसान (PM-Kisan) की घोषणा
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश करते हुए घोषणा की थी कि दो एकड़ तक की जमीन रखने वाले सभी किसान परिवारों को पीएम-किसान (PM-Kisan) योजना के तहत 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी, जो साल में तीन किश्तों में दी जाएगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) नाम से यह योजना एक दिसंबर, 2018 से प्रभावी हो गई है। इसमें किसान परिवारों को 31 मार्च, 2019 तक खत्म होनेवाली चार महीनों की अवधि का भुगतान 2,000 रुपये किया जाएगा।
दो तिहाई ग्रामीणों को मिलेगा फायदा
गर्ग ने उन आलोचनाओं को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा है कि पीएम-किसान (PM-Kisan) से बहुत कम लोगों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि वास्तव में इसके दायरे में दो-तिहाई ग्रामीण आबादी आएगी, जबकि बाकी बचे एक-तिहाई आबादी के लिए भी कई योजनाएं लागू की गई हैं, ताकि संतुलन बना रहे। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय योजना है, जिसके दायरे में पूरे देश के किसान हैं.. ग्रामीण इलाकों में कुल 18 करोड़ घर हैं। इस योजना के दायरे में 12 से 12.5 करोड़ परिवार आएंगे।
किसानों के लिए अन्य योजनाएं भी
उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष आय समर्थन किसानों के लिए इकलौती योजना नहीं है। बल्कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) जैसी योजनाएं भी हैं, जो किसानों को लागत से 50 फीसदी अधिक मुहैया कराती हैं। गर्ग ने कहा कि जो एक-तिहाई ग्रामीण आबादी इस योजना के दायरे में नहीं आएगी, उसके लिए मनरेगा योजना है। उन्होंने कहा कि ये भूमिहीन लोग ऑफ सीजन में गांवों से शहरों में निर्माण स्थलों पर मजदूरी करने जाते हैं। असंगठित क्षेत्र के ऐसे लोगों के लिए सरकार ने 3,000 रुपये प्रति माह की पेंशन योजना की घोषणा की है। इसके अलावा पीएम-किसान (PM-Kisan) का पैसा तो मिलेगा ही।
ये है ऑनलाइन पोर्टल
केन्द्र सरकार ने पीएम-किसान योजना के लिए एक पोर्टल लॉन्च कर दिया। http://pmkisan.nic.in पर योजना से जुड़े सारे नियम जारी कर दिए गए हैं। इस पोर्टल पर लोकर कोई भी देख सकता है कि वह इस योजना का लाभ पा सकता है या नहीं। बजट में सरकार ने किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) योजना की घोषणा की थी। इसी योजना का लाभ देने के लिए यह पोर्टल लॉन्च किया गया है। राज्य सरकारें इसमें किसानों का नाम डालेंगी। जैसे ही राज्य सरकारें किसानों का नाम इस पोर्टल में डालेंगी संबंधित किसान उसे देख सकेंगे। राज्यों से कहा गया है कि वे लाभार्थियों की सूची इस पोर्टल पर 25 फरवरी तक अपलोड कर दें। जिससे उन्हें मार्च की शुरुआत में ही 2000 रुपये का पहली किस्त के रूप में भुगतान किया जा सके।
जानें किन लोगों को इस स्कीम का नहीं मिलेगा फायदा
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) योजना का लाभ उन लोगों को नहीं मिलेगा, जिनके परिवार का कोई सदस्य सांसद, विधायक या सरकारी नौकरी में होगा। यही नहीं पीएम-किसान (PM-Kisan) का लाभ उन लोगों को भी नहीं मिलेगा जिन्होंने पिछले वित्त वर्ष में इनकम टैक्स दिया होगा। इसके अलावा सरकार ने पीएम-किसान (PM-Kisan) योजना के दायरे से उन लोगों को भी बाहर कर दिया है, जो प्रोफेशनल काम करते हैं और इनकम टैक्स के दायरे में आते हैं। इसमें डॉक्टर, वकील और अन्य ऐसे ही काम करने वाले प्रोफेशनल शामिल हैं।
इनको भी नहीं मिलेगा फायदा
जो किसान अभी या पहले संवैधानिक पद पर रहे हों उन किसानों को पीएम-किसान (PM-Kisan) योजना का फायदा नहीं मिलेगा। मौजूदा समय में जिला पंचायत अध्यक्ष और मेयर योजना से बाहर रखे गए है। साथ ही मंत्री, सांसद, विधायक को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर सरकारी कर्मचारी को इसका फायदा नहीं मिलेगा। 10 हजार रुपये से अधिक मासिक पानेवाले पेंशनधारक को भी इस योजना से अलग रखा गया। डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, सीए, आर्किटेक्ट और आयकर भरने वाले इस योजना से बाहर होंगे।
इन किसानों को मिलेगा फायदा
पीएम-किसान (PM-Kisan) का फायदा उन किसानों को मिलेगा, जिनके पास 2 हेक्टेयर से कम जमीन हो। किसानों के पास आधार, बैंक खाता और मोबाइल नंबर जरूरी है। हालांकि बिना आधार के भी पहली किश्त का भुगतान होगा। योजना में किसानों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। 1 फरवरी के भूलेख आंकड़ों के आधार पर राशि मिलेगी। योनजा का फायदा लेने के लिए किसानों को शपथ पत्र भी देना होगा। गलत जानकारी देने पर सम्मान राशि की वसूली होगी।
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