नई दिल्ली। इस कैलेंडर वर्ष में अनिश्चितता और कई देशों के सेंट्रल बैंक की तरफ से गोल्ड (gold) की खरीद बढ़ाने से इसकी कीमतें मजबूत रह सकती हैं। जानकारों का कहना है कि गोल्ड (gold) के इंटरनेशनल प्राइसेज 10-12 पर्सेंट बढ़ सकते हैं और गोल्ड (gold) का एवरेज प्राइस 1,317 डॉलर प्रति औंस रहने का अनुमान है। वहीं भारत में कीमतें अंतरराष्ट्रीय दाम के अनुसार ही चलेंगी, लेकिन अगर डॉलर की तुलना में रुपये में कमजोरी आती है तो गोल्ड (gold) की कीमतें ज्यादा बढ़ सकती हैं। भारत में रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार उसने अपने भंडार में 2017-18 के दौरान 8.46 टन सोने की खरीद की है।

आरबीआई ने बढ़ाया साेने का भंडार
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2017-18 में 8.46 टन सोने (gold) की खरीद की है। करीब नौ साल बाद केंद्रीय बैंक ने पहली बार सोना (gold) खरीदा है। आरबीआई की 2017-18 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, उसके पास 30 जून 2018 को 566.23 टन सोना था, वहीं 30 जून 2017 को स्वर्ण भंडार 557.77 टन था। इस एक वर्ष के दौरान सोने के भंडार में 8.46 टन बढ़ोत्तरी हुई।
इससे पहले खरीदा था 200 टन सोना
आरबीआई ने इससे पहले नवंबर 2009 में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से 200 टन सोना (gold) खरीदा था। आरबीआई ने अपने स्वर्ण भंडार में से 292.30 टन को नोट जारी करने वाले विभाग की संपत्ति दिखाया है। बाकी 273.93 टन सोना बैंकिंग विभाग की संपत्ति है।
डॉलर माना जाता है सुरक्षा कवच
जानकारों का मानना है कि कई देशों के सेंट्रल बैंक 2019 में अधिक गोल्ड (gold) खरीदेंगे, क्योंकि गोल्ड (gold) को अमेरिकी डॉलर की वैल्यू में किसी गिरावट के बदले कवच माना जाता है। एक जानकार के अनुसार 2019 के पहले छह महीनों में इक्विटी मार्केट से रिटर्न में उतार-चढ़ाव रह सकता जिससे गोल्ड (gold) की खरीद बढ़ सकती है जिसका असर इसके रेट पर पड़ेगा।
वर्ल्ड गोल्ड (gold) काउंसिल ने क्या कहा
वर्ल्ड गोल्ड (gold) काउंसिल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वर्ष में गोल्ड (gold) की बड़ी मात्रा में खरीदारी करने वाले सेंट्रल बैंक अगले वर्ष भी गोल्ड (gold) खरीदना जारी रख सकते हैं। दुनिया के कुछ और देशों के सेंट्रल बैंक भी गोल्ड (gold) खरीदने वालों की लिस्ट में शामिल हो सकते हैं। इस वर्ष रूस का सेंट्रल बैंक गोल्ड (gold) की खरीदारी के लिहाज से सबसे आगे रहा है। इसने 92 टन से अधिक गोल्ड (gold) खरीदा है। 2018 के तीसरे क्वॉर्टर में एशिया और यूरोप के सेंट्रल बैंकों ने भी गोल्ड (gold) खरीदा है। भारत के अलावा तुर्की, कजाकस्तान, हंगरी और पोलैंड ने भी अपने गोल्ड (gold) रिजर्व में बढ़ोतरी की है।


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