देश के अग्रणी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि वित्तवर्ष 2018-19 (अप्रैल-मार्च) की तीसरी तिमाही में पिछले साल के मुकाबले उसका शुद्ध मुनाफा 3,955 करोड़ रुपये रहा।
देश के अग्रणी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि वित्तवर्ष 2018-19 (अप्रैल-मार्च) की तीसरी तिमाही में पिछले साल के मुकाबले उसका शुद्ध मुनाफा 3,955 करोड़ रुपये रहा। जी हां आपको बता दे कि बीते शुक्रवार को वित्त वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही (Q3) में देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई (SBI) ने बेहतर नतीजे पेश किए हैं।

जिसमें एसबीआई को इस दौरान 3955 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। जबकि वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में एसबीआई को 2416 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इस दौरान बैंक ने जहां प्रोविजनिंग कम की है, वहीं एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है।
बैंक प्रोविजनिंग में आई कमी
इस बात की जानकारी दे कि तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में एसबीआई की प्रोविजनिंग 68 फीसदी घटकर 6006 करोड़ रुपये रही है। जबकि दूसरी तिमाही में यह 12092 करोड़ और एक साल पहले की समान अवधि में 18876 करोड़ रुपये रही थी।
ब्याज आय बढ़ी
हांलाकि तिमाही में एसबीआई की ब्याज आय 21.4 फीसदी बढ़कर 22691 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वहीं वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में एसबीआई की ब्याज आय 18688 करोड़ रुपये रही थी।
NPA 9.95 फीसदी से घटकर 8.71 फीसदी
हालांकि तिमाही दर तिमाही आधार पर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में एसबीआई का ग्रॉस एनपीए 9.95 फीसदी से घटकर 8.71 फीसदी रहा है. तिमाही आधार पर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में एसबीआई का नेट एनपीए 4.84 फीसदी से घटकर 3.95 फीसदी रहा है।
वहीं अगर रुपये में देखें तो तिमाही आधार पर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में एसबीआई का ग्रॉस एनपीए 2.05 लाख करोड़ रुपये से घटकर 1.88 लाख करोड़ रुपये रहा है। तिमाही आधार पर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में एसबीआई का नेट एनपीए 94,810 करोड़ रुपये से घटकर 80,943 करोड़ रुपये रहा है।


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