नई दिल्ली। जी हां एक कंपनी ने जिसने अपने कर्मचारी के रिटायमेंट पर बची छुट्टी के बदले 21 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। आप को यह जानकार और अचरज होगा कि यह कोई विदेश कंपनी नहीं है, यह एक भारतीय कंपनी ने, जिसने अपने एक कर्मचारी को यह भुगतान किया है। यही नहीं उनके रिटारमेंट का कुल भुगतान करीब 137 करोड़ रुपय बना है, जो उन्हें दिया गया है।

कौन सी है यह कंपनी
लार्सन एंड टब्रो (L&T) ने यह काम करके दिखाया है। देश में इंफास्ट्रक्चर क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी लार्सन एंड टब्रो (L&T) देश विदेश में जानीमानी कंपनी है। देश के लगभग 75 फीसदी मेट्रो रेल के प्रोजेक्ट यही कंपनी बना रही है। एक समय था जब इस कंपनी को अम्बानी और बिड़ला घराना टेकओवर करना चाहता था। लेकिन उस समय अनिल मणिभाई नाइक (Anil Manibhai Naik) कंपनी में संकट मोचक बन उभरे। इन्होंने अम्बानी और बिड़ला घराने की होस्टाइल बिड के खिलाफ कंपनी के कर्मचारियों को एक किया और उन्हें के शेयर देकर कंपनी का मालिक बना दिया। इसके बाद से किसी ने इस कंपनी को छूने की हिम्मत नहीं और यह कंपनी लगातार आगे बढ़ती रही। उनकी बेहतरीन सेवाओं के लिए इस साल सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
ये मिलेंगे अन्य लाभ
अनिल मणिभाई नाइक (A M Naik) ने हाल ही में लार्सन एंड टब्रो (L&T) के नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के पद से रिटायरमेंट ले लिया है। इसके बाद कंपनी ने उनकी बची छुट्टियों के बदले उन्हें पूरे 21 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।
जूनियर इंजीनियर के रूप में शुरू किया था कॅरियर
अनिल मणिभाई नाइक (A M Naik) ने लार्सन एंड टब्रो (L&T) में 1965 में बतौर जूनियर इंजीनियर कॅरियर शुरू किया था। अनिल मणिभाई नाइक (A M Naik) के पिता गुजरात के एक प्राइमरी स्कूल में टीचर थे। उन्होंने कंस्ट्रक्शन कंपनी की एंट्री डिफेंस फील्ड में करवाने में अहम भूमिका निभाई। फिलहाल इस कंपनी का कारोबार 1.83 लाख करोड़ रुपये का है।


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