budget 2019 : सवर्ण आरक्षण से जगीं टैक्सपेयर्स की उम्मीदें, क्या मिलेगा ये तोहफा

budget 2019 : सवर्ण समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण (upper caste reservation) से देश टैक्सपेयर्स (Income taxpayers) की उम्मीदें इस के बजट 2019 (budget 2019) से बढ़ गई हैं। इन लोगों को आरक्षण देने के लिए जो मानक तय किए गए हैं, उनमें एक है 8 लाख रुपये की आमदनी का मानक। ऐसे में आम टैक्सपेयर्स (Income taxpayers) का मानना है कि अगर 8 लाख रुपये तक की आमदनी वाला व्यक्ति आर्थिक रूप से कमजोर है, तो इतनी आमदनी वाले से इनकम टैक्स कैसे लिया जा सकता है। क्योंकि टैक्स वसूलने की धारणा यह है कि यह संपन्न लोगों से इसे वसूलना चाहिए। ऐसे मे लोगों को इस बजट 2019 बजट 2019 (budget 2019) से उम्मीद है कि शायद नरेंद्र मोदी की सरकार टैक्सपेयर्स को अच्छी खासी राहत दे। वैसे भी लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सरकार अंतरिम बजट पेश करने जा रही है, ऐसे में सभी को उम्मीद है कि सरकार उन पर तोहफों की बारिश करेगी।

budget 2019

4 साल से नहीं बढ़ी टैक्स छूट की सीमा
पिछले 4 साल से इनकम टैक्स की सीमा नहीं बढ़ी है, हालांकि इन 4 सालों में लोगों की आमदनी बढ़ी है। ऐसे में इस बजट 2019 (budget 2019) में बढ़ाना चाहिए। वैसे भी पिछली सरकारें हर साल इनकम टैक्सपेयर्स (Income taxpayers) को कुछ न कुछ राहत देती थीं। फिलहाल इनकम टैक्स में छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये बनी हुई। ऐसे में उम्मीद है कि सवर्ण आरक्षण को अगर आधार माना मोदी सरकार इनकम टैक्सपपेयर्स को तोहफा दे सकती है। जैसी जानकारी मिल रही है उससे लगता है कि यह छूट 4 से लेकर 5 लाख रुपये तक की हो सकती है।

सीनियर सिटीजन को भी राहत की उम्मीद

सीनियर सिटीजन को भी राहत की उम्मीद

बजट 2019 (budget 2019) से सीनियर सिटीजंस टैक्सपेयर्स (Income taxpayers) की मांग है कि उनके लिए इनकम टैक्स छूट की सीमा 3 लाख रुपये काफी कम है। ऐसे में इसे बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये की जाए। वहीं सुपर सीनियर सिटीजन 7 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री करने की मांग कर रहे हैं। इन लोगों का तर्क है कि सीनियर सिटीजन सारी उम्र टैक्स चुकाते हैं, ऐसे में उन्हें बाद में राहत मिलनी चाहिए। 

बीमारी के इलाज पर भी छूट चाहिए

बीमारी के इलाज पर भी छूट चाहिए

वहीं बजट 2019 (budget 2019) में सीनियर सिटीजन टैक्सपेयर्स (Income taxpayers) चाहते हैं कि उन्हें इलाज के खर्च में भी ज्यादा रियायत मिले। उनकी मांग है कि मेडिकल इंश्योरेंस पर टैक्स छूट सीमा बढ़ानी चाहिए। सेक्शन 80डी के तहत सीनियर सिटीजन को ज्यादा छूट मिलनी चाहिए। इलाज के खर्च के लिए 50,000 रुपये तक की अब कम है, जिस बढ़ाना चाहिए।

निवेशकों भी टैक्स छूट के पक्ष में

निवेशकों भी टैक्स छूट के पक्ष में

स्टॉक मार्केट के ट्रेडरों की मांग है कि बजट 2019 (budget 2019) में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स हटना चाहिए। मोदी सरकार ने यह टैक्स पिछले साल बजट में लागू किया था। इसके तहत शेयरों पर 1 लाख से ज्यादा की कमाई पर 10 फीसदी टैक्स लगने लगा है। कारोबारियों की मांग है कि 10 फीसदी टैक्स हटाया जाना चाहिए। इन लोगों का तर्क है कि यह एक रिस्की इन्वेस्टमेंट हाेता है, ऐसे में स्टॉक मार्केट में निवेश को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए न कि इस पर टैक्स लगाना चाहिए। इससे टैक्सपेयर्स (Income taxpayers) को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

महिलाओं की उम्मीदें

महिलाओं की उम्मीदें

देश की आधी आबादी महिलाओं की है जिसे इस बार वित्त मंत्री के बजट 2019 (budget 2019) से कई छूट की उम्मीद है। महिलाएं चाहती हैं कि मैटरनिटी लीव के दौरान सैलरी टैक्स फ्री होनी चाहिए। महिलाओं का कहना है कि उन्हें 2008 तक कुछ अतिरिक्त छूट मिलती थी जो वापस ले ली गई है, जिसे फिर से शुरू करना चाहिए। कई महिलाओं की मांग है कि उनके लिए अलग से टैक्स स्लैब बनाना चाहिए, जिससे टैक्सपेयर्स (Income taxpayers) महिलाओं को राहत मिले।

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