नई दिल्ली। बजट 2019 (budget 2019) से कारोबारी जगत ने काफी आशाएं लगा रखी हैं। कारोबारियों की मांग है कि उनको न केवल सरकार की तरफ से सामाजिक सुरक्षा का कवर मिले, बल्कि सरकार उनका टैक्स का बोझ भी कम करे। जीएसटी (GST) से लेकर डिजिटल पेमेंट तक को लेकर इस बार कारोबारियों ने काफी आशाएं लगा रखी हैं।

कॉरर्पोरेट टैक्स में कटौती की उम्मीद
उद्योग संगठन फिक्की ने सरकार को कॉरपोरेट टैक्स में कटौती करने का सुझाव दिया है। इसके साथ ही उसने देश में निवेश को बढ़ाने के लिए कई अन्य सुझाव भी दिए हैं। फिक्की का मामना है कि जब दूसरे देशों में कॉरपोरेट टैक्स की दर को कम किया जा रहा है तो भारत में भी इसमें कमी की जानी चाहिए। बीते वित्त वर्ष कॉरपोरेट टैक्स की दरों में 5 फीसद की कटौती हुई थी ऐसे में कारोबारी उम्मीद लगा रहे हैं कि उन्हें बजट 2019 (budget 2019) में कुछ न कुछ राहत जरूरी मिलेगी।
ये हैं व्यापारियों की मांगे
व्यापारियों के संगठनों ने इस बार बजट 2019 (budget 2019) में सरकार से सामाजिक सुरक्षा की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि सरकार उनस काफी राजस्व प्राप्त करती है, ऐसे में उन्हें सरकार से सामाजिक सुरक्षा का कवच मिलना चाहिए। व्यापारियों के अनुसार उन्हें 10 लाख रुपये तक एक्सीडेंटल इंश्योरेंस के अलावा अन्य लाभ मिलने चाहिए। जीएसटी (GST) के बाद बिना कंप्ययूटर के कारोबार करना कठिन हो गया है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वित्तीय रूप से कमजोर कारोबारियों को कंप्यूटर खरीदने में मदद करनी चाहिए। सरकार कारोबारियों को इसके लिए कुछ सब्सीडी भी दे सकती है।
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दिया जाए
कारोबारियों ने कहना है कि टैक्स चोरी को रोकने के लिए सरकार को डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए बजट 2019 (budget 2019) में प्रावधान करना चाहिए। लेकिन इसके लिए शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। कारोबारियों की मांग है कि अगर ऑनलाइन पेमेंट या डिजिटल पेमेंट पर शुल्क हटा लिया जाए तो इससे कारोबार काफी आसान हो जाएगा।
जीएसटी (GST) से मिले राहत
कारोबारियों के अनुसार हालांकि बजट 2019 (budget 2019) में जीएसटी (GST) को लेकर कुछ भी नहीं कहा जाएगा, लेकिन सरकार को चाहिए कुछ ऐसे उपाए करे जिससे कारोबारियों को जीएसटी (GST) आसान लगे और उसे ज्यादा से ज्यादा खुद ही अपनाएं। कारोबारी चाहते हैं कि जीएसटी (GST) में 18 व 12 फीसदी के स्लैब को खत्म कर 14 फीसदी का एक नया स्लैब बनाना चाहिए।
ऑटो मोबाइल सेक्टर की उम्मीद
कारोबारियों का मानना है कि बजट 2019 (budget 2019) में सरकार ऑटोमोबाइल उत्पादों पर कुछ टैक्स छूट की घोषणा जरूर करे। ऑटोमोबाइल उत्पादों पर अब भी 28 फीसदी की दर से टैक्स लगाया जा रहा है। यह क्षेत्र में बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार देता है ऐसे में अगर टैक्स से राहत मिलती है तो लोगों के लिए ज्यादा नौकरियों के मौके पैदा हो सकते हैं।
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