Padma awards : भारत सरकार की तरफ से घोषित पद्म पुरस्कारों में इस बार 4 नाम भारतीय कारोबारी जगत से हैं। इसमें लार्सन एंड टुब्रो के ग्रुप एग्जीक्यूटिव चेयरमैन ए एम नाइक को पद्म विभूषण सम्मान दिया जाएगा। वहीं एमडीएच मसाला ब्रांड के मालिक महाशय धर्मपाल गुलाटी और अमेरिकी कंपनी सिस्को के पूर्व सीईओ जॉन चैंबर्स को पद्म भूषण सम्मान दिया जाएगा। इसके अलावा एडोबी के सीईओ शांतनु नारायण को पद्म सम्मान देने की घोषणा की गई है। इन कारोबारियों में ए एएम नायक केवल नाम से ही नायक नहीं है बल्कि उनके बारे जान कर सभी हो लगता है कि वह वास्तव में एक 'नायक' ही हैं।

पद्म पुरस्कार पाने वाले अन्य लोग
पद्म विभूषण
1. इलैयाराजा (तमिलनाडु), कला और संगीत के क्षेत्र में
2. गुलाम मुस्तफा खान (महाराष्ट्र), कला और संगीत
3. परमेश्वरन परमेश्वरन (केरल), साहित्य और शिक्षा
पद्म भूषण
1. पंकज आडवाणी (कर्नाटक), स्पोर्ट्स-बिलियर्ड्स
2. फिलिपोस मार क्रिसोस्टम (केरल), अन्य
3. महेंद्र सिंह धोनी (झारखंड), स्पोर्ट्स-क्रिकेट
4. अलेक्जेंडर कदाकिन (मरणोपरांत- रूस), पब्लिक अफेयर्स
5. रामचंद्रन नागास्वामी (तमिलनाडु), अन्य
6. वेद प्रकाश नंदा (अमेरिका), साहित्य एवं शिक्षा
7. लक्ष्मण पई (गोवा), कला, पेंटिंग
8. अरविंद पारिखे (महाराष्ट्र), कला-संगीत
9. शारदा सिन्हा (बिहार), कला-संगीत
पूरी लिस्ट पढ़ने के लिए ये लिंक क्लिक करें
https://mha.gov.in/sites/default/files/Padma_Awards_2019.pdf
क्या है पद्म सम्मान के लिए चुनने की प्रक्रिया
पद्म विभूषण, पद्म भूषण और् पद्म श्री नामक पद्म पुरस्कार किसी भी क्षेत्र में असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किए जाते हैं। पद्म पुरस्कारों की सिफारिशें राज्य सरकारों/संघ राज्य प्रशासनों, केन्द्रीय मंत्रालयों/विभागों, उत्कृष्टता संस्थानों आदि से प्राप्त की जाती हैं। अब नइ पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन नाम भी लिए जाते हैं। इसके बाद आए नामों पर पुरस्कार समिति द्वारा विचार किया जाता है। पुरस्कार समिति की सिफारिश के आधार पर और प्रधानमंत्री गृह मंत्री तथा राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर इन पद्म सम्मानों की घोषणा की जाती है।
असल जिंदगी में भी नायक है यह शख्स
यूं तो अधिकांश लोग अपने सगे संबंधियों को आगे बढ़ाने में यकीन करते हैं। कंपनियों में हिस्सेदारी या बड़े पद देने की बात हो तो उनके मालिक अपने बेटे-बेटियों को पहले चुनते हैं। लेकिन, लार्सन एंड टुब्रो कंपनी के ए एम नाइक ने अपने कर्मचारियों को ही कंपनी का मालिक यानी शेयर होल्डर बना दिया था।
अंबानी, बिड़ला सहित कई ने की थी टेकओवर की कोशिश
एक समय अंबानी, बिड़ला सहित कई कॉरपोरेट घरानों की तरफ से हो रही लार्सन एंड टुब्रो के टेकओवर की कोशिशों से कंपनी का खराब समय चल रहा था। उस समय एलएंडटी को बचाने के लिए को कंपनी के तत्कालीन सीईओ एएम नाइक आगे आए। उन्होंने सरकार के सामने कर्मचारियों को ही कंपनी का मालिक यानी शेयरहोल्डर बनाने का प्रस्ताव रखा। सरकार ने इसे तुरंत मान भी लिया। इस प्रकार बड़ी संख्या में कंपनी के शेयर उसके कर्मचारियों को बेच दिए गए। नाइक की इस पहल ने उन्हें रातोंरात इंडस्ट्री का 'नायक' बना दिया था।


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