कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर से राहत भरी खबर आयी है। ईपीएफओ के डाटा के अनुसार पिछले 15 महीने में करीब 73 लाख लोागों को नौकरी मिली है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर से राहत भरी खबर आयी है। ईपीएफओ के डाटा के अनुसार पिछले 15 महीने में करीब 73 लाख लोागों को नौकरी मिली है। आपको बता दें कि केवल नवंबर महीने में 7.32 लाख लोगों को नौकरी मिली है। उस महीने में जॉब क्रिएशन रेट 48 प्रतिशत रहा था।

यदि नवंबर 2017 की बात करें तो केवल 4.93 लाख लोगों को नौकरी मिली थी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के पेरोल डाटा के अनुसार सितंबर 2017 से नवंबर 2018 के बीच 73.5 लाख लोगों को नौकरी मिली है।
रिर्पोट के अनुसार अक्टूबर 2018 के लिए जो अनुमान जारी किए गए थे, उससे कम लोगों को नौकरी मिली है। अनुमान 8.27 लाख था, लेकिन नौकरी केवल 6.66 लाख लोगों को ही मिली। सितंबर 2017 से अक्टूबर 2018 के बीच जितनी नौकरी का अनुमान लगाया गया था उससे करीब 16.4 प्रतिशत कम नौकरियां पैदा हुईं।
तो वहीं अनुमानित आंकड़ा 79.16 लाख था, लेकिन 66.18 लाख नौकरी ही पैदा हो पायी। इस डाटा को लेकर ईपीएफओ का कहना है कि जितने नए लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ, उनके आधार पर इसे तैयार किया गया है।
आपको बता दें कि विपक्ष वर्तमान सरकार को बेरोजगारी के मुद्दे पर घेर रही है। राजनीतिक और आर्थिक एक्सपर्ट का कहना है कि बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को गंभीर होने की जरुरत है। बेरोजगारी देश की सबसे बड़ी समस्या है। यदि समय रहते रोजगार के अवसर नहीं सृजन किए गए तो अर्थव्यवस्था के लिए ये खतरनाक साबित हो सकता है।
हाल ही में ईपीएफओ के कर्मचारियों की सैलरी और ईपीएफ खाते को लेकर संस्था द्वारा कई बदलाव किए गए हैं। साथ ही आने वाले अंतरिम बजट में भी नौकरीपेशा लोगों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में बदलाव को लेकर सरकार से कई उम्मीदें भी हैं। खैर, अब ये उम्मीदें कितनी पूरी होती हैं और कितनी नहीं ये तो वक्त ही बताएगा।


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