यहां पर आपको बजट प्रिंटिंग के बारे में बताएंगे। साथ ही बताएंगे कि वित्त मंत्रालय के अधिकारियों को क्यों गुप्त रुम में रखा जाता है।
1 फरवरी 2019 को अंतरिम बजट पेश किया जाएगा और उसके पहले बजट प्रस्तुति के लिए कई काम किए जाते हैं जिनकी शुरुआत हो चुकी है। वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बजट की प्रिंटिंग का काम सोमवार से ही शुरु हो चुका है। वित्त मंत्रालय के द्वारा परंपरागत हलवा रस्म के आयोजन के साथ बजट दस्तावेजों की छपाई की औपचारिक शुरुआत हो गई है और साथ ही वित्त मंत्रालय के अधिकारी बाहरी दुनिया से बाहर हो गए हैं। तो चलिए आपको इस कैद के बारे में थोड़ा विस्तार से बताते हैं।

आपको बता दें कि बजट छपाई का काम शुरु होने से पहले बजट तैयार करने की प्रक्रिया से प्रत्यक्ष तौर पर जुड़े मंत्रालय के अधिकारियों को हलवा समारोह के बाद मंत्रालय में ही रहना पड़ता है। ये अधिकारी संसद में बजट पेश होने तक मंत्रालय में ही रहते हैं और बाहरी दुनिया यहां तक कि परिजनों से भी इनका संपर्क नहीं रहता है।
इसके अलावा अधिकारियों को फोन या ईमेल के जरिए भी किसी से संपर्क करने की इजाजत नहीं होती है। मंत्रालय के सिर्फ शीर्ष अधिकारियों को ही घर जाने की अनुमति होती है। सोमवार को वित्त राज्य मंत्रियों शिव प्रताप शुक्ला और पॉन राधाकृष्णन ने वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर हलवा रस्म में भाग लिया। चूंकि वित्त मंत्री सोमवार को भारत से बाहर इलाज के लिए बाहर थे इसलिए वो इस रस्म का हिस्सा नहीं बन पाए।
बजट अधिकारियों में से सबसे ज्यादा निगरानी स्टेनोग्राफरों की होती है। साइबर चोरी की संभावनाओं से बचने के लिए स्टेनोग्राफर के कम्प्यूटर नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर के सर्वर से दूर होते हैं। जहां ये सारे लोग होते हैं वहां एक पावरफुल जैमर लगा होता है ताकि कॉल्स को ब्लॉक किया जा सके और किसी भी जानकारी को लीक न होने दिया जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश करने वाली है। आम चुनाव के कारण अंतरिम बजट पेश किया जाएगा। तो वहीं अगले वित्त वर्ष का पूर्ण बजट आम चुनाव के बाद आने वाली नई सरकार पेश करेगी।


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