नई दिल्ली। जीएसटी (GST) जैसी अधुनिक टैक्स व्यवस्था में भी सेंध लगने से सरकार परेशान है और उसने इस पर रोक लगाने के लिए कमर कस ली है। सरकार जल्द ही जीएसटी (GST) फाइलिंग व्यवस्था में बदलाव लाने जा रही है। इसके बाद कारोबारियों के लिए बिना जीएसटी (GST) रिटर्न भरे कारोबार करना कठिन हो जाएगा। जीएसटी (GST) में बदलाव करके अब व्यवस्था की जा रही है कि जो कारोबारी 6 माह तक जीएसटी (GST) रिटर्न फाइल नहीं करेंगे, उनको सामानों की ढुलाई के लिए ई-वे बिल जनरेट करने की सुविधा नहीं मिल पाएगी। ऐसा होने से कारोबारी अपना सामान एक स्थान से दूसरे स्थान पर नहीं भेज पाएंगे।
दिसंबर 2018 में गिरा जीएसटी (GST) कलेक्शन
दिसंबर 2018 में जीएसटी (GST) कलेक्शन गिरकर 94,726 करोड़ रुपये रहा था। दिसंबर में आए 94,726 करोड़ के कुल जीएसटी (GST) कलेक्शन में से सेंट्रल जीएसटी (GST) (सीजीएसटी (GST)) के मद में 16,442 करोड़ रुपये, स्टेट जीएसटी (GST) के रुप में (एसजीएसटी (GST)) के रुप में 22,459 करोड़ रुपये और इंटीग्रेटेड जीएसटी (GST) (आईजीएसटी (GST)) के रुप में 47,936 करोड़ रुपये आए हैं। वहीं सेस के जरिए 7,888 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
इससे पूर्व में रहा जीएसटी (GST) कलेक्शन
-अप्रैल में 1.03 लाख करोड़ रुपये
-मई में 94,016 करोड़ रुपये
-जून में 95,610 करोड़ रुपये
-जुलाई में 96,483 करोड़ रुपये
-अगस्त में 93,960 करोड़ रुपये
-सितंबर में 94,442 करोड़ रुपये
-अक्टूबर में 1,00,710 करोड़ रुपये
-नवंबर में 97,637 करोड़ रुपये
ये हो रही है व्यवस्था
जीएसटी (GST) प्रणाली के लिए IT फ्रेमवर्क उपलब्ध कराने वाली कंपनी जीएसटी (GST) नेटवर्क (GSTN) एक ऐसा सिस्टम विकसित कर रही है, जो कारोबारों के जीएसटी (GST) रिटर्न दाखिल नहीं करने पर नजर रखेगा। ऐसे में यदि कोई कारोबारी लगातार दो रिटर्न साइकिल में जीएसटी (GST) रिटर्न यानी छह महीने तक कोई जीएसटी (GST) रिटर्न दाखिल नहीं करता है तो सिस्टम उसे ई-वे बिल जनरेट करने से रोक देगा।
टैक्स चोरी रोकने में होगी मदद
एक अधिकारी ने कहा कि जल्द से जल्द नए IT सिस्टम को लाया जाएगा, जो छह माह तक रिटर्न दाखिल नहीं करने वालों को ई-वे बिल जनरेट करने की सुविधा से वंचित कर देगा। इसके लिए नए नियमों को अधिसूचित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस सिस्टम से जीएसटी (GST) की चोरी रोकने में मदद मिलेगी।
पकड़ी गई है चोरी
चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में केंद्रीय कर अधिकारियों ने जीएसटी (GST) चोरी या नियम उल्लंघन के 3,626 मामले पकड़े हैं, जिनमें कुल 15,278.18 करोड़ रुपये की राशि शामिल है।
क्या है ई-वे बिल सुविधा
कर चोरी रोकने के लिए ही एक अप्रैल 2018 को ई-वे बिल की सुविधा शुरू की गई थी। 50,000 रुपये से अधिक का सामान एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजे जाने के लिए ई-वे बिल सुविधा का उपयोग किया जा सकता है। राज्यों के भीतर ही इस सेवा को शुरू करने के लिए 15 अप्रैल 2018 से इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया।
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