भारतीय रिजर्व बैंक आरबीआई ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी बजाज फाइनेंस लिमिटेड पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
भारतीय रिजर्व बैंक आरबीआई ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी बजाज फाइनेंस लिमिटेड पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। "निष्पक्ष व्यवहार संहिता" का उल्लघंन करने पर यह जुर्माना ठोका गया है। इस बात की जानकारी सोमवार को आरबीआई ने दी।

रिजर्व बैंक ने कहा कि यह कार्रवाई नियमाकीय अनुपालन में खामी बरतने पर आधारित है। वहीं केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि यह फैसला ग्राहकों के साथ एनबीएफसी के लेनदेन या समझौते पर नहीं है। बजाज फाइनेंस उपभोक्ता ऋण, सूक्ष्म एवं मझोले उद्यमों और वाणिज्यिक ऋण उपलब्ध मुहैया कराती है।
वहीं पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दर में 'कुछ' कमी कर सकता है। बसु ने इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित एक सत्र में कहा, 'गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) की समस्या ने बैंकों को सतर्क कर दिया है। हालांकि भारत में ब्याज दरों को कुछ कम करने की गुंजाइश है।
इस बात से भी अवगत कराया कि आरबीआई को पूर्ण स्वायत्तता के साथ अकेले छोड़ दिया जाना चाहिए। आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा फरवरी में होनी है। इतना ही नहीं भारत में निवेश दर में भी कमी आई है। जीएसटी के बारे में बसु का कहना था कि यह विदेशों से लिया गया आईडिया है और इसे सही तरीके से लागू नहीं किया गया। उन्होंने नोटबंदी को भी गलत ठहराया।


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