सीबीडीटी यानी केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने आयकर विभाग के अधिकारियों को कर संग्रह की स्पीड बढ़ाने के लिए प्रयास तेज करने और चुन-चुन कर सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया है।
CBDT यानी केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने आयकर विभाग के अधिकारियों को कर संग्रह की स्पीड बढ़ाने के लिए प्रयास तेज करने और चुन-चुन कर सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा एजेंसी ने अपने अधिकारियों को टैक्स चोरी की चाल चलने वालों के खिलाफ अदालत में मामले दर्ज करने का निर्देश दिए हैं।

CBDT के चेयरमैन ने आयकर विभाग के सभी प्रधान मुख्य आयुक्तों को पत्र लिखकर कर वसूली के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा है। बता दें कि चालू वित्त वर्ष में अब तीन महीने बाकी रह गए हैं। बोर्ड के प्रमुख ने अपने पत्र में कहा है कि नियमित आकलन के आधार पर कर की वसूली में वृद्धि केवल 1.1 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इस तरह की वसूलियों की वृद्धि दर इसी दौरान 15.6 प्रतिशत थी।
सीबीडीटी के चेयरमैन ने कहा है कि दिसंबर के अंत में कर वसूली की वृद्धि दर 13.6 प्रतिशत रही है जबकि लक्ष्य 14.7 प्रतिशत है। उन्होंने कहा है कि सकल वसूली की वृद्धि की स्थिति 14.1 प्रतिशत के साथ थोड़ी अच्छी है लेकिन यह बजट में 11,50,000 करोड़ रुपए की वसूली के लक्ष्य को हासिल करने की दृष्टि से अब भी कम है।
इसमें कहा गया है कि सामान्य आकलन में अधिकतर क्षेत्रों में कर वसूली वास्तव में घटी है। यह गंभीर चिंता का विषय है और वसूली को तेल करने के लिए अब अधिकतम प्रयासों की जरुरत है। सीबीडीटी आयकर विभाग के लिए नीति बनाती है और उसके कार्यों की निगरानी करता है। चंद्रा ने कहा है कि प्रत्यक्ष कर वसूली के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कुछ रणनीतियों का सुझाव दिया है और उन्हें लागू करने को कहा है।


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