चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान घरों के दाम 22 प्रतिशत बढ़े है। बता दें कि कुल देश के 33 शहरों इसमें शामिल है। वहीं 14 शहर ऐसे रहे हैं जहां मकानों के दाम में 13 प्रतिशत तक गिरावट आई।
चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान घरों के दाम 22 प्रतिशत बढ़े है। बता दें कि कुल देश के 33 शहरों इसमें शामिल है। वहीं 14 शहर ऐसे रहे हैं जहां मकानों के दाम में 13 प्रतिशत तक गिरावट आई है। तीन शहरों में दाम स्थिर रहे। हांलाकि नए आधार वर्ष के साथ राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) के संशोधित आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।

एनएचबी ने कहा कि निर्माणाधीन संपत्तियों में 39 शहरों में मकानों की कीमतों में 17 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ। आठ शहरों में दाम में आठ प्रतिशत तक की कमी आई जबकि तीन शहरों में कीमतें स्थिर रहीं।
एनएचबी ने 2007 में मकानों के दाम में आने वाली घटबढ़ का तिमाही आधार पर आकलन करने के लिए आवास मूल्य सूचकांक एनएचबी रेजिडेक्स शुरू किया था।
दिल्ली में मकानों के दाम 4.8 फीसदी गिरे
रांची में सबसे ज्यादा दाम 21.7 फीसदी बढ़ा वहीं भिवड़ी में दाम 13.4 फीसदी गिरा। टियर 1 शहरों में अहमदाबाद में मकान के दाम 12.9 फीसदी, हैदराबाद में 9.5 फीसद, पुणे में 7.2 फीसदी, मुंबई में 5.2 फीसदी, बंगलौर और कोलकाता में 2 फीसदी की बढ़त आई। वहीं दिल्ली में मकानों के दाम 4.8 फीसदी गिरे हैं।
टियर 2 के इन शहरों के दाम बढ़े
टियर 2 शहरों में नाशिक में 8.4 फीसदी, सूरत में 7.4 फीसदी, वडोदरा में 7.4 फीसदी दाम बढ़े हैं। वहीं लुधियाना में 12.3 फीसदी और जयपुर में 13.4 फीसदी दाम गिरे हैं। अब एनएचबी ने इसके आधार वर्ष बदलकर 2017- 18 करते हुये प्रणाली को नया रूप दिया है।
वहीं इसके साथ ही निर्माणार्धीन संपत्तियों के लिए अलग सूचकांक जारी किया है। इस नये सूचकांक में 50 शहरों के दो तरह के आवास मूल्यों को शामिल किया जाता है। एक तैयार आवासों के मूल्य का सूचकांक और दूसरे निर्माणार्धीन संपत्तियों के मूल्य से जुड़ा सूचकांक। बता दें कि यह 50 शहर देश के 21 राज्यों में हैं।


Click it and Unblock the Notifications