पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड पीपीबीएल ने कहा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया आरबीआई से मंजूरी मिलने के बाद उसने नो योर कस्टमर केवाईसी प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया है।
पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड पीपीबीएल ने कहा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया आरबीआई से मंजूरी मिलने के बाद उसने नो योर कस्टमर केवाईसी प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया है। इसके साथ ही नए ग्राहक को भी जोड़ना शुरू कर दिया है।
पिछले साल जून में इसे नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया
आरबीआई की ओर से ऑडिट के बाद पीपीबीएल की केवाईसी प्रक्रिया पर कुछ सवाल उठाए गए। बता दें कि पिछले साल जून में इसे नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया गया था।
इसके बाद जुलाई में चीफ एग्जीक्युटिव ऑफिसर सीईओ रेनू सत्ती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और पेटीएम की रिटेल इनीशिएटिस से जुड़ गईं। बैंक ने अक्टूबर में दिग्गज बैंकर सतीश गुप्ता को अपना मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ नियुक्त किया।
रिजर्व बैंक से आधिकारिक मंजूरी मिल गई
अपने हालिया बयान में पीपीबीएल का कहना हैं कि, पीपीबीएल को नए ग्राहक जोड़ने और बैंक-वॉलेट कस्टमर्स के लिए केवाईसी दोबारा शुरू करने के लिए रिजर्व बैंक से आधिकारिक मंजूरी मिल गई है।
31 दिसंबर 2018 से इसकी शुरुआत हो गई है। हांलाकि बयान के अनुसार, संभावित कस्टमर अब पीपीबीएल में अपना सेविंग या करंट अकाउंट खोल सकते हैं। पेमेंट बैंक 1 रुपये तक की राशि स्वीकार कर सकता है।
10 करोड़ नए कस्टमर्स को जोड़ने का लक्ष्य
पीपीबीएल ने कहा कि 2019 के अंत तक उसने 10 करोड़ नए कस्टमर्स को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। सतीश गुप्ता की माने तो पीपीबीएल सभी भारतीय तक बैंकिंग सर्विसेज उपलब्ध कराने के मिशन पर है। इसमें डिजिटल इनीशिएटिव का रोल अहम होगा।
पेटीएम बैंक ऑपरेशन की शुरुआत 2017 में हुई
पेटीएम ने पेमेंट बैंक ऑपरेशन की शुरुआत 2017 में की थी। पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा के पास पीपीबीएल में अधिकांश शेयर है। वहीं बाकी हिस्सेदारी अलीबाबा समर्थित वन97 कम्युनिकेशंस के है। हालांकि चीनी कंपनी अलीबाबा में पेमेंट्स बैंक में डायरेक्ट शेयरहोल्डिंग नहीं है।


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