पिछले कई महीनों से आशंका के दायरे में रहा बच्चों के लिए इस्तेमाल होने वाला जॉनसन एंड जॉनसन पावडर अब भारत में भी राडार पर आ गया है।
पिछले कई महीनों से आशंका के दायरे में रहा बच्चों के लिए इस्तेमाल होने वाला जॉनसन एंड जॉनसन पावडर अब भारत में भी राडार पर आ गया है। जी हां मशहूर पाउडर कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन बेबी पाउडर की फैक्ट्रियों पर आज छापे पड़ सकते हैं।
खबरों के मुताबिक अमेरिका में इस कंपनी के पाउडर में ऐसे केमिकल मिले थे जिससे कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती है। इस रिपोर्ट के बाद मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने बैठक की और देशभर में जॉनसन एंड जॉनसन की फैक्ट्रियों के सैंपल जब्त करने का आदेश दिया।
1971 से साल 2000 तक टेस्ट के दौरान कई बार एसबेस्टस मिला
आपको बता दें अमेरिका की इस दिग्गज फार्मा कंपनी के बेबी पाउडर में कैंसर कारक केमिकल एसबेस्टस होने का खुलासा हुआ है। रॉयटर्स की एक इंवेस्टिगेटिव रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कंपनी को भी इस बारे में लंबे समय से जानकारी थी। रिपोर्ट के मुताबिक साल 1971 से साल 2000 तक टेस्ट के दौरान बेबी पाउडर में कई बार एसबेस्टस मिला था।
कंपनी के पाउडर सैंपल जब्त
हांलाकि रिपोर्ट में दावा किया गया कि जॉनसन एंड जॉनसन के अधिकारियों को भी ये बात पता था कि ये बेबी पाउडर खतरनाक है। उसके बाद भी उन्होंने इसे छिपाए रखा।
हालांकि कंपनी ने इस दावे को बेबुनियाद बताकर इसे साजिश करार दिया है। वहीं सूत्रों के मुताबिक अब भारत में ड्रग रेगुलेटर के अधिकारी इस कंपनी के पाउडर सैंपल जब्त करेंगे, जिसके बाद इसकी जांच की जाएगी।
जॉनसन एंड जॉनसन पहले भी विवादों से गिरा
जॉनसन एंड जॉनसन और विवादों का पुराना नाता रहा है। 1982 में अमेरिका में इस कंपनी की टायलीनॉल दवा से 7 लोगों की जान गई थी। वहीं 2008 में कई लोगों ने कंपनी के उत्पादों पर बदबू और मिलावट का आरोप लगाया था।
2010 में कंपनी के वाशिंगटन प्लांट को बंद करना पड़ा। वहीं 2013 में सायकोटिक दवा के गलत प्रचार में जॉनसन एंड जॉनसन पर 220 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगा। जॉनसन एंड जॉनसन के नो मोर टीयर वाले बच्चों के शैम्पू पर भी सवाल उठ चुके हैं।


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