डॉक्टर 7वें वेतन आयोग के तहत सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। दिल्ली के अलग-अलग सरकारी अस्पतालों के करीब 3000 डॉक्टर इस हड़ताल में शामिल हो रहे हैं।
एक बार फिर हजारों डॉक्टर हड़ताल पर हैं जिससे ओपीडी बंद रहेगी। इस बार डॉक्टर 7वें वेतन आयोग के तहत सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। दिल्ली के अलग-अलग सरकारी अस्पतालों के करीब 3000 डॉक्टर इस हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि, अगर उनकी यह मांग नहीं पूरी की जाती है तो वे 20 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। डॉक्टरों की इस हड़ताल से ओपीडी मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जी न्यूज की रिर्पोट के अनुसार इस विरोध में दिल्ली सरकार के सभी मेडिकल कॉलेज जैसे जीटीबी, एमएएमसी, अंबेडकर, डीडीयू और संजय गांधी मेमोरियल के रिजिडेंट डॉक्टर शामिल हैं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तुरंत सुनवाई नहीं हुई तो 20 दिसंबर से अस्पताल की ओपीडी ठप्प कर देंगे। फिलहाल, इमरजेंसी सर्विस पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
जी न्यूज ने अपनी रिर्पोट में आगे बताया कि रेजिडेंट डॉक्टर्स असोसिएशन के अध्यक्ष डॉ आनंद कुमार चोपड़ा ने बताया कि लंबे समय से दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टर 7वां वेतन आयोग लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बार-बार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन से मांग करने के बाद भी अश्वासन के अलावा उन्हें कुछ नहीं मिला है। ऐसी स्थिति में डॉक्टरों के पास हड़ताल के अलावा अन्य कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।
उन्होंने बताया कि 19 दिसंबर को हड़ताल के बाद भी अगर प्रबंधन नहीं माना तो 20 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी। उनका कहना है कि हड़ताल में दिल्ली सरकार के अधीन कॉरपोरेशन और केंद्र सरकार के मेडिकल कॉलेज के रेसिडेंट डॉक्टर भी शामिल हो सकते हैं।


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