अपने देश के रईस 5 साल के अंदर और भी ज्यादा रईस हो जाएंगे। देश में 1991 में आर्थिक उदारीकरण के दौर की शुरुआत के लगभग तीन दशक पूरे होने जा रहे हैं।
अपने देश के रईस 5 साल के अंदर और भी ज्यादा रईस हो जाएंगे। देश में 1991 में आर्थिक उदारीकरण के दौर की शुरुआत के लगभग तीन दशक पूरे होने जा रहे हैं। ऐसे में वेल्थ मैनेजमेंट और वेल्थ-X की स्टडी वेल्थ क्रिएशन में बड़ी उछाल का संकेत दे रही है। इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिर्पोट के मुताबिक, स्टडी के अनुसार इंडियन हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स की संख्या में तेज उछाल के साथ इनकी संपत्ति 87% की बढ़ोत्तरी हो सकती है।

देश के 4470 अल्ट्रा इंडिविजुअल्स (UHNWI) के पास दुनिया के दूसरे देशों के रईसों से ज्यादा संपत्ति है। स्टडी के अनुसार, इंडिया के औसतन 8.65 अरब रुपए के मुकाबले ग्लोबल UHNWI (62 साल ) के मुकाबले भारतीय रईसों की औसत उम्र (58 साल) कम है।
देश में कुल 284,140 लोग हैं जिनकी संपत्ति 95 करोड़ रुपए से ज्यादा है। इनकी वेल्थ 2021 तक 188 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगी। इनकी संख्या 86% उछाल के साथ 5,29,940 तक जा सकती है। ये आंकड़े IIFL वेल्थ मैनेजमेंट वेल्थ इंडेक्स 2018 की रिर्पोट में दिए गए हैं। इसमें बड़ी बात यह है कि 45 प्रतिशत इंडियन UHNWI ही अपने बूते रईस बने हैं जबकि ग्लोबल लेवल पर ऐसे 66% रईस हैं।
स्टडी के अनुसार सुपर रिच इंडिविजुअल्स की लिस्ट में इंडिया सबसे आगे है और उनका दबदबा दुनिया भर में देखा जा सकता है। दरअसल ये विदेशी बाजारों के बिजनेस और प्रॉपर्टी में ज्यादा से ज्यादा निवेश कर रहे हैं या ज्यादा से ज्यादा HNI की पढ़ाई लिखाई वहीं हो रही है। आने वाले समय में लंदन और न्यूयॉर्क से लेकर पेरिस और दुबई तक इनकी लग्जरी खर्च में तेज उछाल आने की संभावना है।


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