नए निर्देशों के तहत राजधानी, दुरंतों ट्रेनों में महिलाओं के लिए 6 स्लीपर क्लास की बर्थ आरक्षित होंगी। तो वहीं गरीब रथ एक्सप्रेस जैसी गाडियों में 3 एसी श्रेणी में 6 सीटें आरक्षित होंगी।
यात्रियों की लिंग-संवेदनशील जरूरतों का और समर्थन करने के लिए, भारतीय रेलवे ने पूरी तरह से वातानुकूलित राजधानी और दुरंतों ट्रेनों के 3-स्तरीय कोचों में 6 बर्थ आरक्षित करने का फैसला किया है। जी हां भारतीय रेलवे ने महिला यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनों में महिला श्रेणी के तहत सीटों का कोटा बढ़ा दिया है। रेलवे बोर्ड के नए निर्देशों के अनुसार महिला कोटे के तहत आरक्षित सीटों की संख्या को 4 से बढ़ाकर 6 कर दिया है।
गरीबरथ में भी मिलेगी सुविधा
आरक्षित सीटों के संबंध में सभी जोनल रेलवे को निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं। नए निर्देशों के तहत मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में महिलाओं के लिए 6 स्लीपर क्लास की बर्थ आरक्षित होंगी। तो वहीं गरीब रथ एक्सप्रेस जैसी गाडियों में 3 एसी श्रेणी में 6 सीटें आरक्षित होंगी।
इस श्रेणी के लोगों को मिलेगा फायदा
आपको बता दें कि राजधानी, दुरंतो और वातानुकूलित ट्रेनों में भी महिला कोटे में 6 बर्थ का कोटा बढ़ा दिया गया है। वरिष्ठ नागरिक, 45 साल से उपर वाली महिला, गर्भवती महिला या फिर अकेली यात्रा कर रही महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। इससे पहले राजधानी, दुरंतो में प्रत्येक कोच में 4 सीट कंबाइंड कैटेगरी में रिजर्व होता था। कंबाइंड कैटेगरी में वरिष्ठ नागरिक व गर्भवती महिलाएं शामिल होती थीं।
ये है नई व्यवस्था
भारतीय रेलवे की ओर से जारी की गई इस नई व्यवस्था के तहत ऐसी सभी ट्रेनें जिनमें स्लीपर बर्थ हो वहां पर स्लीपर डिब्बे में 6 लोअर सीटें व 3 एसी श्रेणी के डिब्बे में 3 नीचे की सीटें वरिष्ठ नागरिकों व महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
इन महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता
महिलाओं में भी 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं या गर्भवती महिलाओं को इन सीटों के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। राजधानी व दुरंतों जैसी पूरी तरह से एसी ट्रेनों में वरिष्ठ नागरिकों व महिलाओं के लिए सिर्फ 3 सीटें आरक्षित थीं।


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