इस बार सभी एक्सपर्ट यह अंदाजा लगा रहे थे कि रेपो रेट को स्थिर रखा जाएगा और उनका अंदाजा सही निकला है और रेपो रेट बिना बदलाव के 6.5% पर स्थिर है।
आरबीआई की मौद्रिक नीति पर चल रही समीक्षा का आज आखिरी दिन था। इस बार सभी एक्सपर्ट यह अंदाजा लगा रहे थे कि रेपो रेट को स्थिर रखा जाएगा और उनका अंदाजा सही निकला है और रेपो रेट बिना बदलाव के 6.5% पर स्थिर है।तो वहीं रिवर्स रेपो रेट 6.25 प्रतिशत पर कायम रहेगा।
आपको बता दें कि सोमवार से तीन दिवसीय आरबीआई समिति की बैठक चल रही थी, जिसमें शुरु से ही यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति के तहत रेपो रेट पर कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

एक ओर जहां भारतीय रिजर्व बैंक के क्रेडिट पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं हुआ है तो वहीं दूसरी शेयर बाजार में काफी गिरावट दर्ज की गया है सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही गिरकर कारोबार कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या फरवरी में आने वाली क्रेडिट पॉलिसी रेपो रेट बढ़ती है या घटती है।
कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट की वजह से महंगाई में होने वाली कमी की आशंका को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में इजाफा न कर उद्योग को बड़ी राहत दी है।
रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2019 में GDP ग्रोथ अनुमान 7.4 प्रतिशत बरकरार रखा है। आरबीआई का अनुमान है कि अक्टूबर-मार्च अवधि में जीडीपी ग्रोथ 7.2 प्रतिशत 7.3 प्रतिशत के बीच रह सकती है।
RBI के अनुसार अक्टूबर-मार्च अवधि में रिटेल महंगाई 2.7 से 3.2 प्रतिशत के बीच रह सकती है। तो वहीं आरबीआई SLR में 0.25 प्रतिशत की कटौती की है। एसएलआर की मौजूदा दर 0.5 फीसदी है। आरबीआई ने कहा है कि जनवरी-मार्च से एसएलआर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।
आरबीआई के द्वारा आयोजित इस बैठक की समीक्षा समिति के सदस्यों द्वारा की गई जिसमें रिजर्व बैंक के गर्वनर उर्जित पटेल ने मुख्य रुप से क्रेडिट पॉलिसी पर जानकारी दी।


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