इंफोसिस ने कर्मचारियों की स्किल बढ़ाने और एट्रीशन रेट घटाने के लिए नई योजना बनाई है। इसके तहत कर्मचारियों की सैलरी दोगुनी हो सकती है।
आईटी कंपनी इंफोसिस जो कि देश की बड़ी कंपनी के नाम से जानी जाती है अपने कर्मचारियों को सैलरी दोगुनी करने का मौका दे रही है। कंपनी ने कर्मचारियों की स्किल बढ़ाने और एट्रीशन रेट घटाने के लिए नई योजना बनाई है। इसके तहत कर्मचारियों की सैलरी दोगुनी हो सकती है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिर्पोट के अनुसार कंपनी का नया ब्रिज प्रोग्राम पूरा करने वाले कर्मचारियों की इंफोसिस सैलरी दोगुनी कर रही है।
सैलरी में 80 से 120% की बढ़ोतरी
तो इसके जरिए कर्मचारी बिना नौकरी छोड़े नई स्किल का विकास कर सकते हैं। इंफोसिस के अनुसार जिन कर्मचारियों ने इन प्रोग्राम के माध्यम से अपनी स्किल बढ़ाई उनकी सैलरी में 80 से 120 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस प्रोग्राम के तहत अब तक 400 लोगों को ट्रेन किया जा चुका है।
कर्मचारी नौकरी छोड़कर न जाएं इसलिए उठाया कदम
इस तरह के कार्यक्रम लाकर इंफोसिस चाहती है कि उसके कई कर्मचारी नौकरी छोड़कर नहीं जाएंगे। इस कारण जूनियर पोजीशन पर कम एट्रीशन रेट होगा। इंफोसिस इस तरह के 6 ब्रिज प्रोग्राम बना रही है इसमें ब्रिज टू कंसलटिंग, ब्रिज टू पावर प्रोग्रामिंग, ब्रिज टू डिजाइन, ब्रिज टू टेक आर्किटेक्चर जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
कंपनी ने खर्च में की है बढ़ोत्तरी
इंफोसिस ने वित्तवर्ष 2018 में अपने कर्मचारियों पर 32,472 करोड़ रुपए खर्च किए थे। कंपनी ने वित्त वर्ष 2017 के 30,944 रुपए के मुकाबले इस खर्च में 4.94 प्रतिशत की बढ़त की थी। ऐसे कंपनी के इस कदम के बाद इस खर्च में और बढ़ोतरी हो सकती है।
होगा कुछ अलग
बता दें कि पिछले कई साल से आईटी इंडस्ट्री में फ्रेशर्स की सैलरी 3.5 लाख रुपए सालाना पर अटकी हुई है। इन कंपनियों में 8 से 10 प्रतिशत से ज्यादा वार्षिक इंक्रीमेंट भी नहीं होता है। ऐसे में इंफोसिस का ये कदम कर्मचारियों को सहारा दे सकता है।


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