उपभोक्ताओं की संख्या के हिसाब से देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया का मानना है कि आक्रामक प्रतिस्पर्धा की वजह से बाजार में टिकना अब काफी मुश्किल हो गया है।
उपभोक्ताओं की संख्या के हिसाब से देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया का मानना है कि आक्रामक प्रतिस्पर्धा की वजह से बाजार में टिकना अब काफी मुश्किल हो गया है।
वोडाफोन-आइडिया के मर्जर के बाद पहली बार बात करते हुए वोडाफोन आइडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सीईओ बालेश शर्मा ने कहा कि तीनों प्रमुख आपरेटरों को पैसा फूंकना पड़ रहा है और ऐसी स्थिति में कोई भी उनसे निवेश की उम्मीद नहीं कर सकता है। शर्मा ने तीनों प्रमुख आपरेटरों के प्रति ग्राहक औसत राजस्व एआरपीयू में कमी को नकदी प्रवाह के संकट की प्रमुख वजह बताया।

हांलाकि रिलायंस जियो का एआरपूीयू घटकर 131 रुपये और एयरटेलका 100 रुपये के निचले स्तर पर आ गया है। इस वजह से आपरेटर नेटवर्क में पर्याप्त निवेश नहीं कर पा रहे हैं। वहीं उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश चीन में आपरेटरों की प्रति ग्राहक आय काफी ऊंची है, जिससे वहां की टेलिकॉम कंपनियों भविष्य में निवेश करने को लेकर संतोषजनक स्थिति में हैं।
जबकि घरेलू बाजार में कीमतों की स्थिति कब सुधरेगी इसको लेकर स्थितिसाफ नहीं हैं। कंपनी दोनों कंपनियों के विलय से अनुमानित 14,000 करोड़ रुपये की बचत वित्त वर्ष 2020-2021 तक पाने की उम्मीद कर रही है। कंपनी ने इस अनुमानित लक्ष्य को दो साल पहले कर दिया है।


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