फ्लिपकार्ट को पिछले वित्त वर्ष 2017-18 में 3200 करोड़ रुपये का घाटा हो गया है। यह आकड़ा वित्त वर्ष 2016-17 के मुकाबले 70 प्रतिशत ज्यादा है।
फ्लिपकार्ट को पिछले वित्त वर्ष 2017-18 में 3200 करोड़ रुपये का घाटा हो गया है। यह आकड़ा वित्त वर्ष 2016-17 के मुकाबले 70 प्रतिशत ज्यादा है। यह जानकारी फ्लिपकार्ट इंडिया और फ्लिपकार्ट इंटरनेट की रेग्युलेटरी फाइलिंग्स से मिली है। ये दोनों संस्थान ही भारत में फ्लिपकार्ट का कारोबार संचालित करते है।

वहीं ऑनलाइन रिटेलर कंपनी की होलसेल आर्म फ्लिपकार्ट इंडिया का घाटा 75 गुना बढ़कर 2 हजार करोड़ रुपये हो चुका है। हालांकि, ऑनलाइन मार्केट संचालित करनेवाली एंटिटि फ्लिपकार्ट इंटरनेट का नुकसान 30 प्रतिशत घटकर 1,100 करोड़ रुपये रहा। मार्च 2017 में खत्म हुए वित्त वर्ष में फ्लिपकार्ट इंडिया का नुकसान घटकर 244 करोड़ रुपये रहा जो मार्च 2016 में खत्म हुए वित्त वर्ष में 545 करोड़ था।
जबकि पिछले वित्त वर्ष में घाटे में बड़ी वृद्धि का सीधा-सीधा कारण मार्केटिंग और डिस्काउटिंग को लेकर कंपनी का लगातार आक्रामक रुख रहा। चूंकि फ्लिपकार्ट अमेरिकी रिटेलर वॉलमार्ट का हिस्सा हो चुकी है, इसलिए ऐनालिस्ट्स का अनुमान है कि 2020 तक इसे नुकसान होता रहेगा क्योंकि उसे ऐमजॉन की ओर से मिल रही चुनौती बढ़ने की उम्मीद है। फ्लिपकार्ट दुनियाभर में वॉलमार्ट की सबसे बड़ी ईकॉमर्स कंपनी है।
वित्त वर्ष 2018 में फ्लिपकार्ट इंडिया का रेवेन्यू 42 प्रतिशत बढ़ा जबकि फ्लिपकार्ट इंटरनेट के राजस्व में 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बता दें कि दोनों ही कंपनियों का कुल खर्च बढ़ा है। फ्लिपकार्ट इंडिया का खर्च तो 50 प्रतिशत बढ़ गया है। गौरतलब हैं कि अमेजन भी भारत में निवेश को लेकर बेहद आक्रामक मुद्रा में है। कहा जा रहा है कि उसका भारत में किया गया 5 अरब डॉलर का निवेश खत्म हो चुका है।


Click it and Unblock the Notifications