पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा को ब्लैकमेल करने के आरोप में पेटीएम के ही तीन स्टाफ को गिरफ्तार किया गया है जो कि 20 करोड़ की फिरौती मांग रहे थे।
भारतीय कंपनी पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा को ब्लैकमेल करने के आरोप में पेटीएम के ही तीन स्टाफ को गिरफ्तार किया गया है। विजय शेखर शर्मा की सेक्रेटरी ही इस ब्लैकमेलिंग की मास्टरमाइंड है। इन लोगों ने विजय का डाटा हासिल कर लिया और उसके बदले उनसे 20 करोड़ रुपए देने को कहा। यहां तक की पैसे नहीं मिलने पर डाटा लीक करने की भी धमकी दी। तो आइए जानते हैं पूरे मामले को-
थाईलैण्ड से ब्लैकमेलर का आया कॉल
विजय शर्मा ने नोएडा के एसएपी से से यह शिकायत की थी कि उन्हें कोई ब्लैकमेल कर रहा है। उन्होंने बताया कि 20 सितंबर को जब वे जापान में थे, उसी समय उनके पास थाइलैण्ड के एक नंबर से ब्लैकमेल का कॉल आया। ब्लैकमेलर ने यह दावा किया विजय शर्मा के निजी डाटा उसके पास है। इसके बदले उन्हें 20 करोड़ देने होंगे। ब्लैकमेलर ने यह भी कहा कि यदि पैसे नहीं दिए तो पर्सनल डाटा को सार्वजनिक कर दिया जाएगा, जिससे विजय शर्मा की छवि खराब हो जाएगी।
ब्लैकमेलर ने ही अपराधियों का कर दिया खुलासा
ब्लैकमेलर ने यह तक कहा कि उसके पास ये डाटा कंपनी के ही एडमिन विभाग में काम करने वाले राहुल और देवेंद्र से मिली है। ब्लैकमेलर ने यह तक बताया कि पर्सनल डाटा की जानकारी कंपनी में सेक्रेटरी सोनिया से मिली है। जिसमें मिलने वाली राशि का 10 प्रतिशत राहुल और देवेंद्र को दिया जाएगा।
अपराधी को पकड़ने के लिए चतुरायी से किया काम
पेटीएम के मालिक विजय शर्मा ने बताया कि ब्लैकमेलर को यकीन दिलाने के लिए उन्होंने उनके बताए गए खाते में 2 लाख रुपए ट्रांसफर भी कर दिए, ताकि उन्हें सबूतों के साथ रंगे हाथ पकड़ा जा सके। शिकायत मिलने पर नोएडा पुलिस कंपनी के सेक्टर पांच स्थित ऑफिस पहुंची और तीनों आरोपियों सेक्रेटरी सोनिया, राहुल और देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
सोनिया ही साजिश की मास्टरमाइंड
पुलिस के अनुसार इस पूरी साजिश की मास्टरमाइंड सोनिया है। उसे इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से पकड़ा गया। तीनों आरोपी नोएडा ऑफिस में काम करते हैं। एक चौथा अधिकारी भी इसमें शामिल है जो कि फरार है।
यह फोटो सोनिया के फेसबुक प्रोफाइल से प्राप्त की गई है।


Click it and Unblock the Notifications