यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया यूआईडीएआई ने सभी पेमेंट कंपनियों को नोटिस भेजा है। जिसमें आधार आधारित सेवाओं को तत्काल बंद करने के लिए कहा गया है।
यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया यूआईडीएआई ने सभी पेमेंट कंपनियों को नोटिस भेजा है। जिसमें आधार आधारित सेवाओं को तत्काल बंद करने के लिए कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में प्राइवेट कंपनियों के बायामिट्रिक वेरिफिकेशन पर रोक लागाई थी। जिसके बाद यूआईडीएआई की तरफ से शायद यह पहली बड़ी कार्रवाई है। बता दें कि लगभग सभी प्रमुख प्राइवेट नॉन- बैंकिंग पेमेंट्स कंपनियों को यूआईडीएआई से पछले हफ्ते नोटिस मिले है।

यूआईडीएआई द्वारा पत्र जारी किया गया
जिसके बाद यूआईडीएआई ने विभिन्न पेमेंट कंपनियों से इस बात की लिखित जानकारी मांगी हैं कि वह किस प्रकार से आधार बेस्ड इकोसिस्टम से बाहर निकलेंगी। वहीं 12 अक्टूबर को यूआईडीएआई द्वारा जारी पत्र में लिखा गया है कि चूंकि आपकी संस्था आधार बेस्ड ऑथेंटिकेशन सर्विस को अब इस्तेमाल नहीं कर सकती अगर अब तक नहीं किया गया है, तो आपको तत्काल प्रभाव से आधार बेस्ड सभी ऑथेंटिकेशन बंद करने होंगे।
हालांकि पेप्वाइंट, ईको इंडिया फाइनेंस सर्विसेस और ऑक्सीजन समेत प्राइवेट कंपनियों के समूह को पिछले दो दिनों में यूआईडीएआई द्वारा नोटिस भेजा गया है, जिसमें उनसे पूछा गया है कि वह आधार बेस्ड इकोसिस्टम से बाहर निकलने के लिए क्या प्लान तैयार कर ली हैं।
पत्र केवल नॉन बैंकिंग कंपनियों को भेजे गए
वहीं इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रो ने बताया कि यूआईडीएआई द्वारा ये पत्र केवल नॉन बैंकिंग कंपनियों को भेजे गए हैं, जिनके पास प्रीपेड पेमेंट सर्विस का लाइसेंस है। सूत्रों की मानें तो बैंक और पेटीएम जिनके पास बैंकिंग लाइसेंस है, उन्हें इस प्रकार का कोई नोटिस नहीं भेजा गया है। इस बारे में यूआईडीएआई को भेजे गए मेल का जवाब भी नहीं आया है। बता दें कि बीती 26 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने आधार पर सुनवाई करते हुए सेक्शन 57 को खत्म कर दिया।


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