अमेरिकी कंपनी अमेजन भारत के फ्यूचर रिटेल लिमिटेड में 7-8 फीसदी हिस्सा खरीद सकता है। सूत्रों का कहना हैं कि यह प्रक्रिया अंतिम चरण में ही और इसे अगले दो हफ्तों में पूरा कर लिया जायेगा।
अमेरिकी कंपनी अमेजन भारत के फ्यूचर रिटेल लिमिटेड में 7-8 फीसदी हिस्सा खरीद सकता है। सूत्रों का कहना हैं कि यह प्रक्रिया अंतिम चरण में ही और इसे अगले दो हफ्तों में पूरा कर लिया जायेगा। वहीं यह भी माना जा रहा हैं कि यह समझौता 2500 करोड़ रुपये का होगा।
वहीं इस बात की भी सुचना मिली थी कि अमेजन की योजना फ्यूचर रिटेल में 10 फीसद हिस्सा खरीदने की है। अमेजन इसके सहारे गूगल और पेटीएम को टक्कर देना चाहती है। हालांकि, फ्यूचर ग्रुप ने इन खबरों का खंडन किया था।
अमेजन पिछले कुछ समय से फ्लिपकार्ट से बढ़ते मुकाबले के बीच लगातार अधिग्रहण कर रही है। फ्यूचर रिटेलल ग्रुप के साथ यह समझौता इसी का एक हिस्सा माना जा रहा है। बता दें कि कुछ समय पहले वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण किया था।

वहीं इससे पहले अमेजन ने प्राइवेट इक्विटी फर्म समारा कैपिटल के साथ मिलकर आदित्य बिड़ला ग्रुप की 'मोर' रिटेल चेन को खरीदा था। फ्यूचर रिटेल और अमेजन के बीच संभावित समझौते को लेकर दोनों कंपनियों ने फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
वालमार्ट- फ्लिपकार्ट डील
देश के ई- कॉमर्स क्षेत्र में सबसे बड़े अधिग्रहण के जरिये अमेरिकी कंपनी वालमार्ट का प्रवेश हो गया है। अमेरिकी कंपनी वालमार्ट ने देसी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट में 77 फीसद इक्विटी हिस्सेदारी खरीदकर इसका अधिग्रहण कर लिया है। वालमार्ट ने 16 अरब डॉलर करीब 1.05 लाख करोड़ रुपये में फ्लिपकार्ट को खरीदने के बाद दो अरब डॉलर करीब करोड़ रुपये अतिरिक्त निवेश की भी योजना बनाई है। यह वालमार्ट का भी सबसे बड़ा अधिग्रहण है।
इतना बड़ा अधिग्रहण भारत में ई- कॉमर्स के क्षेत्र में शानदार संभावनाओं को देखते हुए किया है। अनुमान है कि अगले दशक में ई-कॉमर्स कारोबार में 200 अरब डॉलर होगा। इस क्षेत्र में उसका सीधा मुकाबला अमेरिका की ही कंपनी अमेजन से होगा। इस सौदे के लिए अभी वालमार्ट को कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया सीसीआइ समेत कई स्तरों पर मंजूरियां लेनी होंगी।


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