पेट्रोल और डीजल के दामों में शनिवार को एक बार फिर इजाफा हुआ। देश में एक बार फिर से तेल की कीमतों का बढ़ना जारी है। शनिवार को राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 18 पैसे के उछाल के साथ 82.66 रुपये
पेट्रोल और डीजल के दामों में शनिवार को एक बार फिर इजाफा हुआ। देश में एक बार फिर से तेल की कीमतों का बढ़ना जारी है। शनिवार को राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 18 पैसे के उछाल के साथ 82.66 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 29 पैसे की बढ़त के साथ 75.19 रुपये प्रति लीटर हो गई। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 18 पैसे की बढ़त के साथ 88.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 31 पैसे बढ़कर 78.82 रुपये प्रति लीटर हो गई।
शुक्रवार के पेट्रोल-डीजल आकाड़ा
वहीं बता दें कि शुक्रवार को भी पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। शुक्रवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमतों में 12 पैसे का इजाफा हुआ था, इससे इसकी कीमत 82.48 रुपये प्रति लीटर पहुंची थी। जबकि डीजल की कीमतें 28 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 74.90 पैसे प्रति लीटर पर पहुंच गई थीं।
वहीं, मुंबई में पेट्रोल और डीजल के दामों में 12 पैसे और 29 पैसों की बढ़ोतरी हुई थी। जिसके बाद मुंबई में पेट्रोल की कीमतें 87.94 प्रति लीटर और डीजल की कीमत 78.51 प्रति लीटर पर पहुंच गई थी।
अंतरराष्टीय बाजार में कच्चे तेल के ऊंचे दाम
वहीं अंतरराष्टीय बाजार में कच्चे तेल के ऊंचे दाम और पेट्रोल, डीजल के चढ़ते दाम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी और आयल इंडिया लिमिटेड ओआईएल की तेल एवं गैस उत्पादन स्थिति की शुक्रवार को समीक्षा की। समीक्षा का मकसद इस बात का आकलन करना था कि देश के कच्चे तेल आयात में 10 प्रतिशत कमी लाने के लक्ष्य को किस प्रकार हासिल किया जाएगा। बैठक में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और पेट्रोलियम सचिव एम एम कुट्टी भी मौजूद थे।
कच्चे तेल के उत्पादन में हल्की वृद्धि का अनुमान
हालांकि मोदी ने मार्च 2015 में देश की तेल एवं गैस आयात पर निर्भरता को कम कर 2022 तक कुल जरूरत के 67 प्रतिशत पर लाने का आह्वान किया था। उन्होंने इसके लिये वित्त वर्ष 2013-14 में तेल आयात पर 77 प्रतिशत निर्भरता को आधार बनाया था। सूत्रों ने कहा कि कच्चे तेल के उत्पादन में हल्की वृद्धि का अनुमान है, वहीं प्राकृतिक गैस उत्पादन 24 अरब घन मीटर प्रतिदिन से बढ़कर 42 अरब घन मीटर प्रतिदिन पहुंच जाने का अनुमान है। इसका मुख्य कारण ओएनजीसी के केजी बेसिन गैस फील्ड से उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।


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