डॉलर के मुकाबले लगातार गिरते रुपए को संभालने के लिए रिजर्व बैंक रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर सकता है।
मौद्रिक नीति पर दो दिनों से चल रही आरबीआई की बैठक के नतीजे आज आ सकते हैं। मौद्रिक नीति समीक्षा में RBI द्वारा प्रमुख ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी की संभावनाएं हैं। इसकी बड़ी वजह रुपए में लगातार आ रही गिरावट है। विशेषज्ञ का मानना है कि डॉलर के मुकाबले लगातार गिरते रुपए को संभालने के लिए रिजर्व बैंक रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर सकता है। इसके अलावा क्रूड में तेजी की वजह से महंगाई बढ़ने का डर भी एक वजह है।

बैंक यदि नीतिगत दर में वृद्धि करता है तो यह लगातार तीसरी वृद्धि होगी। आपको बता दें 3 दिवसीय सीमाक्षा के फैसलों का ऐलान आरबीआई आज करने वाला है। पिछले दिनों रुपए में गिरावट को थामने की आरबीआई की कोशिश कुछ खास सफल नहीं हुई है। इस वजह से ना सिर्फ इंपोर्ट महंगा हुआ है, बल्कि चालू खाता घाटा सीएडी बढ़ने का डर बन गया है।
अगस्त महीने की महंगाई दर 3.69 प्रतिशत रही जो आरबीआई के 4 प्रतिशत के तय लक्ष्य से कम है लेकिन एक्सपर्ट मानते हैं कि रुपए में गिरावट और क्रूड की कीमतें लगातार बढ़ने से महंगाई कंफर्ट जोन से बाहर जा सकती है। रिजर्व बैंक यह बिल्कुल नहीं चाहेगा कि ऐसा हो, इसलिए महंगाई को तय सीमा में रखने के लिए दरों में इजाफा हो सकता है।
आपको बता दें रिजर्व बैंक ने साढ़े चार साल के अंतराल के बाद पहली बार जून में हुई मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत दर में वृद्धि की थी। इसके बाद अगस्त की नीतिगत बैठक में भी रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत बढ़ाया गया। लगातार दो बार 0.25 प्रतिशत की वृद्धि के बाद इस समय रेपो रेट 6.50 प्रतिशत पर है।


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