RBI: मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले ही 4 बड़े बैंकों ने बढ़ाई ब्याज दर
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति कमेटी एमपीसी की बैठक 5 अक्टूबर को होने वाली है। जिसमें उम्मीद की जा रही हैं कि आरबीआई नीतिगत दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी करेगी।
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति कमेटी एमपीसी की बैठक 5 अक्टूबर को होने वाली है। जिसमें उम्मीद की जा रही हैं कि आरबीआई नीतिगत दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी करेगी। हालांकि इससे पहले ही देश के चार बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एसबीआई, आईसीआईसीआई, पीएनबी और एचडीएफसी बैंक ने अपने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की हैं।
किस बैंक ने कितनी बढ़ाई ब्याज दरें
- एसबीआई ने मार्जिन कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ट लेंडिंग रेट में 0.05 फीसदी की बढ़ोतरी की है।
- पीएनबी ने भी शॉर्ट लोन के लिए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ट लेंडिंग रेट को 0.2 फीसदी बढ़ाया।
- एचडीएफसी लिमिटेड ने भी रिटेल प्राइस लेंडिंग रेट में तत्काल प्रभाव से 0.10 फीसदी की बढ़ोतरी की है। अलग-अलग स्लैब के लोन के लिए नई दरें 8.80 से 9.05 फीसदी के बीच होंगी।
- आईसीआईसीआई बैंक ने एमसीएलआर में 0.1 फीसदी का इजाफा किया है।
- ऑपरेटिंग खर्च
- सीआआर मेंटनेंस खर्च
- सेविंग्स, करेंट, टर्म डिपॉजिट अकाउंट ब्याज
- रेपो रेट
- नेटवर्थ पर रिटर्न
- टेन्योर प्रीमियम
क्या है एमसीएलआर
बता दें कि अप्रैल 2016 से पहले रिजर्व बैंक द्वारा लोन देने के लिए तय मिनिमम रेट बेस रेट कहलाती थी। सभी बैंकों की बेचमार्क दरें एमसीएलआर यानी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट के आधार पर तय होती हैं। इसके पहले बैंकों के लोन की दरें बेस रेट पर तय की जाती थीं। अगर आपने 1 अप्रैल 2016 के पहले लोन लिया है, तो आपका लोन बेस रेट के आधार पर होगा।
एमसीएलआर तय करने के लिए बैंक इन तथ्यों को ध्यान में रखते हैं


Click it and Unblock the Notifications