आदित्य बिड़ला ग्रुप ने रिटेल चेन मोर को बेच दिया है। अमेजन और भारत की एक प्राइवेट इक्विटी कंपनी समारा कैपिटल ने इसे खरीद लिया है। सीएनबीसी टीवी 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक ये डील 4,200 करोड़ रुप
आदित्य बिड़ला ग्रुप ने रिटेल चेन मोर को बेच दिया है। अमेजन और भारत की एक प्राइवेट इक्विटी कंपनी समारा कैपिटल ने इसे खरीद लिया है। सीएनबीसी टीवी 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक ये डील 4,200 करोड़ रुपए में होने का अनुमान है। इंडस्ट्री से जुड़े 2 अधिकारियों ने ये सूचना दी। तीनों ने आज दोपहर को आदित्य बिड़ला ग्रुप के वरली हेडक्वाटर में हस्ताक्षर किए। कंपनी के बोर्ड ने आज इस डील को मंजूरी दे दी। बिड़ला ग्रुप के प्रमुख कुमार मंगलम बिड़ला मोर के मालिक हैं।
575 स्टोर मोर के पूरे देश में
मोर के पूरे देश में 575 स्टोर हैं। इस कंपनी में समारा ने 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है वहीं अमेजन ने 49 फीसदी हिस्सा खरीदा है। अमेजन ने ये हिस्सा अपनी सहयोगी कंपनी अमेजन डॉट कॉम इन्वेस्टमेंट होल्डिंग के जरिए खरीदा है। डील को सीसीआई की मंजूरी लेनी होगी। समारा कैपिटल ने भी ये हिस्सेदार समारा एआईएफ के जरिए खरीदी है।
मोर देश की चौथी सबसे बड़ी सुपरमार्केट
नई कंपनी का क्या नाम होगा अभी इस बात को तय नहीं किया गया है। भारत ने मल्टी ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी एफडीआई की मंजूरी दी है। वहीं कैश एंड कैरी में 100 फीसदी एफडीआई की मंजूरी है। इस डील से एबीआरएल की बुक से 4,000 करोड़ का कर्ज खत्म हो जायेगा। भारतमें बिग बाजार, रिलायंस रिटेल और डी मार्ट के बाद मोर देश की चौथी सबसे बड़ी सुपरमार्केट चैन है।
हांलाकि अमेजन और समारा मोर की खरीद के बाद बड़े पैमाने पर इसका विस्तार करेंगे। दोनों एलबीआरएल के मैनेजमेंट को अभी बनाए रखेंगे। 2018-2019 के लिए मोर ने 5050 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य रखा है।
ऑफलाइन रिटेल में यह अमेजॉन का दूसरा डायरेक्ट इंवेस्टमेंट
मोर में अमेजॉन का इंवेस्टमेंट भारत के ऑफलाइन रिटेल स्पेस में अमेजॉन का दूसरा डायरेक्ट इंवेस्टमेंट है। इससे पहले कंपनी ने पिछले साल सितंबर में शॉपर्स स्टॉप की 5 फीसदी हिस्सेदारी खरीद चुकी है। यह सोदा 180 करोड़ रुपया का रहा था। आज से पेटीएम मॉल पर फेस्टिव सीजन का मजा उठायें।
मोर को पिछले वित्तवर्ष में 4,400 करोड़ की आय
वहीं मार्च 2018 में एबीआर का कर्ज 6573 करोड़ से घटकर 4,000 करोड़ हो गया। पिछले साल कुमार मंगलम बिड़ला और उनके परिवार ने कर्ज घटाने के लिए 2,800 करोड़ से ज्यादा के बॉन्ड इक्विटी में बदल लिए थे। मोर को पिछले वित्तवर्ष में 4,400 करोड़ की आय हुई थी। 2016-17 में कंपनी का घाटा 644 करोड़ रुपए से घटकर 490 करोड़ रुपए हो गया था। मोर के मौजूदा कर्मचारियों का क्या होगा इस पर अभी कोई सफाई नहीं आई है।


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