देश में भले ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी लगातार जारी है। दूसरी तरफ रुपये में भी डॉलर के मुकाबले कमजोरी बरकरार है। लेकिन इन चुनौतियों का असर महंगाई पर होता नहीं दिख रहा है।
देश में भले ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी लगातार जारी है। दूसरी तरफ रुपये में भी डॉलर के मुकाबले कमजोरी बरकरार है। लेकिन इन चुनौतियों का असर महंगाई पर होता नहीं दिख रहा है।
खुदरा महंगाई के बाद अगस्त में थोक महंगाई दर भी घटी है। अगस्त में यह 4.53 फीसदी रही है। जुलाई में डब्लूपीआई 5.09 के स्तर पर थी।

हांलाकि बता दें कि इसी महीने खुदरा महंगाई में भी भारी गिरावट देखने को मिली है। अगस्त में खुदरा महंगाई दर 10 माह के निचले स्तर पर पहुंचा है।
अगस्त में रिटेल महंगाई 3.7 फीसदी पर रही है। यह जुलाई के मुकाबले काफी कम है। जुलाई में यह 4.2 फीसदी के स्तर पर रही थी। दरअसल अगस्त में खाने-पीने की चीजों की महंगाई घटी है। इसका सीधा फायदा खुदरा महंगाई घटने के तौर पर मिला है। अगस्त में खाद्य महंगाई दर 1.37 फीसदी से घटकर 0.29 फीसद हुई है।
अनाज, गेहूं और दालों के दाम बढ़े
आंकड़ों के मुताबिक, दालों की महंगाई दर शून्य से नीचे बनी हुई है। और तो अगस्त में यह -14.23 फीसदी पर रही जबकि जुलाई में यह आंकड़ा -17.03 फीसदी था। इसके अलावा, गेहूं की थोक महंगाई दर 8.39 फीसदी रही जोकि पिछले माह 6.31 फीसदी पर थी। वहीं, मोटे अनाज की महंगाई दर 5.05 फीसदी रही जो एक माह पहले 3.51 फीसदी पर थी।


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