भारतीय रिजर्व बैंक ने धोखाधड़ी को पकड़ने में देरी और समय पर इसके बारे में जानकारी नहीं देने के लिए यूनियन बैंक आफ इंडिया पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने धोखाधड़ी को पकड़ने में देरी और समय पर इसके बारे में जानकारी नहीं देने के लिए यूनियन बैंक आफ इंडिया पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इस बात की सुचना यूनियन बैंक आफ इंडिया ने शुक्रवार को शेयर बाजारों को भेजी जिसमें में कहा हैं कि रिजर्व बैंक ने हमारे ऊपर धोखाधड़ी पकड़ने और उसके बारे में रिपोर्ट करने में विलंब को लेकर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।

केंद्रीय बैंक ने बैंकिंग नियमन कानून के तहत यह जुर्माना लगाया है। रिजर्व बैंक ने यूनियन बैंक को 15 जनवरी, 2018 को नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यो नहीं कानून के तहत उस पर जुर्माना लगाया जाए। इसके बाद बैंक ने एक फरवरी को रिजर्व बैंक को अपना जवाब भेजा था। हालांकि रिजर्व बैंक के कार्यकारी निदेशकों की समिति के समक्ष यूनियन बैंक ने मौखिक रूप से अपना पक्ष रखा था।
इस पर यूनियन ने कहा कि उसने केंद्रीय बैंक के समक्ष मौखिक रूप से जो जवाब दिया और अतिरिक्त दस्तावेज उपलब्ध कराए उसे रिजर्व बैंक ने पर्याप्त नहीं माना है। इसी के बाद रिजर्व बैंक ने एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। बैंक ने कहा कि उसके आकार को देखते हुए यह जुर्माना कोई बहुत प्रभावित करने वाला नहीं है। वहीं बैंक ने कहा कि उसे छह सितंबर को रिजर्व बैंक से जुर्माना लगाए जाने के बारे में सूचना मिली।


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