रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बुधवार को जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि नवंबर 2016 में प्रतिबंधित किए गए 500 और 1,000 रुपए के नोट लगभग 99.3 प्रतिशत वापस बैंक में आ चुके हैं।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बुधवार को जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि नवंबर 2016 में प्रतिबंधित किए गए 500 और 1,000 रुपए के नोट लगभग 99.3 प्रतिशत वापस बैंक में आ चुके हैं। 8 नवंबर 2016 से पहले 500 और 1000 के नोट 15.41 लाख करोड़ रुपए चलन में थे, जिसमें से 15.31 लाख करोड़ रुपए वापस बैंक में आ चुके हैं।
मार्च में सर्कुलेशन का प्रतिशत
भारतीय रिजर्व बैंक के सालाना आंकड़े में बताया गया है कि मार्च 2018 तक बैंक नोट के सर्कुलेशन में 37.7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। तो इसी तरह बैंक नोट का वाल्यूम 2.1 प्रतिशत बढ़ा है। साथ ही मार्च 2017 तक 500 रुपए के नए नोट और 2000 रुपए के नोट की सर्कुलेशन हिस्सेदारी 72.7 प्रतिशत दर्ज की गई थी जो मार्च 2018 तक बढ़कर 80.2 प्रतिशत हो गई है।
नोटों का एसबीएन
रिर्पोट में कहा गया है कि बैंकों के पास आए SBN को जटिल द्रुत गति की करेंसी सत्यापन एवं प्रसंस्करण प्रणाली के जरिए सत्यापित किया गया और उसके बाद उनकी गिनती करने के बाद उन्हें नष्ट कर दिया गया। SBN से तात्पर्य 500 और 1000 रुपए के बंद नोटों से है। रिजर्व बैंक ने कहा है कि एसबीएन की गिनती का काम पूरा हो गया है। कुल 15,310.73 अरब मूल्य के एसबीएन बैंकों के पास वापस आए हैं।
1000 के बदले नहीं आया नया नोट
जैसा कि आप जानते हैं कि सरकार ने 500 रुपए के बंद नोट के स्थान पर नया नोट जारी कर दिया है लेकिन 1000 रुपए के नोट के स्थान पर नया नोट जारी नहीं हुआ है। आरबीआई की रिर्पोट में यह भी बताया गया है कि नोटबंदी के बाद साल 2017-18 में जाली नोटों में भी कमी आयी है। 2015-16 में 632926 जाली नोट पकड़े गए थे, जबकि 2016-17 में 762072 जाली नोट पकड़े गए थे। तो वहीं 2017-18 में 522783 जाली नोट की पहचान हुई है।
जाली नोटों की संख्या में कमी
रिजर्व बैंक के अनुसार जाली नोटों में 31.4 प्रतिशत की कमी देखी गई है। 100 रुपए के जाली नोट की पहचान में 35 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है, जबकि 50 रुपए का जाली नोट 154.3 प्रतिशत बढ़ा है। बैंकों में 500 रुपए के 9892 नए जाली नोट और 2000 रुपए के 17929 जाली नोट की पहचान हुई है। पिछले साल यह आंकड़ा क्रमश: 199 और 638 था।


Click it and Unblock the Notifications