भारतीय स्टेट बैंक के समूह आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने शुक्रवार को कहा हैं कि रुपये में अचानक गिरावट या तेजी आना ठीक नहीं हैं। क्योंकि इससे मुद्रा विनिमय बाजार में उतार- चढ़ाव बढ़ता है।
भारतीय स्टेट बैंक के समूह आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने शुक्रवार को कहा हैं कि रुपये में अचानक गिरावट या तेजी आना ठीक नहीं हैं। क्योंकि इससे मुद्रा विनिमय बाजार में उतार- चढ़ाव बढ़ता है। संवाददाताओं से बातचीत इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक कार्यक्रम में हुआ।

बता दें कि कि पिछले 5-6 महीने में डॉलर के मुकाबले रुपया 64 से गिरता हुआ 70 रुपये प्रति डॉलर पर आया है। इस दौरान उसका मूल्य ह्रास व्यवस्थित रहा है। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपया 72 को छूएगा।
दूसरी तरफ सकल घरेलू उत्पाद जीडीपी वृद्धि के बारे में उन्होंने कहा कि स्टेट बैंक शोध अनुमान के मुताबिक पहली तिमाही में इसके 7.7 प्रतिशत और पूरे वित्त वर्ष के दौरान 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
वहीं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर रिजर्व बैंक और सरकार के दोहरे नियंत्रण के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'शीर्ष बैंक के पास उनके नियंत्रण के लिए बहुत अधिकार हैं, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजी बैंकों के मुकाबले कहीं अधिक ऑडिट होता है।' नोटबंदी और जीएसटी के दोहरे प्रभाव पर उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था पर इनका असर समाप्त हो चुका है।


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