सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक जिसमें की नोटबंदी के 21 माह बाद भी नए नोट का स्लॉट नहीं है। आपको बता दें कि हजारों ऐसे एटीएम हैं जिनमें नए नोट की दिक्कते हो रही है।
सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक जिसमें की नोटबंदी के 21 माह बाद भी नए नोट का स्लॉट नहीं है। आपको बता दें कि हजारों ऐसे एटीएम हैं जिनमें नए नोट की दिक्कते हो रही है। बता दें कि आरटीआई में खुलासा हुआ हैं कि बैंक के 18,135 एटीएम नए नोटों के अनुरूप नहीं ढाला जा सका है।
हालांकि इस अवधि में बैंक ने 22.50 करोड़ रुपये के खर्च से 41,368 एटीएम को नए नोटों के अनुरूप तैयार कर लिया है। मध्यप्रदेश के नीमच निवासी सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने बताया हैं कि स्टेट बैंक ने उनकी आरटीआई अर्जी के जवाब में यह जानकारी दी है।

22.50 करोड़ रुपए की राशि खर्च
बता दें कि गौड़ ने एसबीआई से पूछा था कि बैंक के कितने एटीएम अब तक 2,000, 500 और 200 रुपए के नये नोटों के अनुरूप ढाले जा चुके हैं। तो एसबीआई की द्वारा मिली जानकारी के तहत मालूम हुआ कि अब तक बैंक के 59,521 एटीएम में से 41,386 नकदी निकासी मशीनों को रीकैलिब्रेट कर लिया है। वहीं इस काम पर 22.50 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गयी है। हालांकि एसबीआई के उत्तर से स्पष्ट है कि फिलहाल उसके 18,135 एटीएम ग्राहकों को नये नोट देने लायक नहीं बन सके हैं।
18,135 एटीएम को नए नोट के हिसाब से ढालेगी
आपको याद दिलाना चाहेंगे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2016 को 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोट बंद किये जाने की घोषणा की थी। इसके बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने सिलसिलेवार तरीके से 2,000, 500 और 200 रुपए के नये नोट जारी किये थे।
वहीं बता दें कि हाल ही में रिजर्व बैंक ने 100 रुपए और 50 रुपए का नया नोट भी जारी किया है। इन नोटों के हिसाब से भी बैंकों को फिर से एटीएम मशीनों को ढालना होगा। एसबीआई अब इन 18,135 एटीएम को सभी नए नोट के हिसाब से ढालेगी। 100 रुपए का नया नोट अभी बाजार में नहीं आया है।


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