कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट को वित्त वर्ष 2017-18 में रेकॉर्ड 1,253 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। सुरक्षाबलों के लिए रीटेल स्टोर चलाने वाली सीएसडी को यह मुनाफा विभिन्न राज्यों से टैक्स रिफंड मिल
कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट को वित्त वर्ष 2017-18 में रेकॉर्ड 1,253 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। सुरक्षाबलों के लिए रीटेल स्टोर चलाने वाली सीएसडी को यह मुनाफा विभिन्न राज्यों से टैक्स रिफंड मिलने और प्राइसिंग नियमों का उल्लंधन करने वाली कंपनियों पर पेनल्टी लगाने के बाद हुआ है। इन कंपनियों पर दूसरे रीटेलर्स को भी मैचिंग और प्रमोशनल ऑफर्स देने की वजह से पेनल्टी लगाई गई है।
आर्मी कैंटीन के नाम से जाने जानी वाली सीएसडी एक नॉन प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन है। वित्त वर्ष 2018 में सीएसडी का हुआ यह मुनाफा देश के दूसरे रिटलेर्स से कहीं ज्यादा है। इससे पिछले वित्त वर्ष में सीएसडी को 17,000 करोड़ रुपये की सेल्स पर 280 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था। मार्च 2018 में खत्म हुए वित्त वर्ष में सीएसडी की बिक्री 18,000 करोड़ रूपये रही है।

बता दें कि सीएसडी बोर्ड ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन के चेयरमैन एम.बालादित्य ने बताया, 'सीएसडी के लिए यह अब तक का सबसे अधिक मुनाफा है। जो कि कंपनियां डेविएट हुई थीं और जिन्होंने प्रमोशनल स्कीम के लाभ को आगे नहीं बढ़ाया था। उन सभी कंपनियों के खिलाफ डेबिट नोट जारी किए गए थे। वहीं सीएसडी को डेबिट नोट से ही 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी हुई। हालांकि उन्होंने उन कंपनियों के नाम नहीं बताए, जिन्होंने प्राइसिंग रूल्स का उल्लंघन किया था।
वहीं सीएसडी के रीटेल आउटलेट्स में बिस्किट से लेकर बियर और शैंपू से लेकर कार तक, करीब 5,300 तरह के प्रॉडक्ट बेचे जाते हैं। इन्हें आर्मी, नौसेना, वायु सेना के जवान और उनके परिवार वाले खरीदते हैं। जबकि एक्स-सर्विसमेन और उनके परिवार वालों को भी सीएसडी से रियायती दरों पर सामान खरीदने की सुविधा मिलती है। सीएसडी को 1931 में शुरू किया गया था, जिसे रक्षा मंत्रालय मैनेज करता है। अभी सीएसडी के पास 3,901 यूनिटरन कैंटीन और 34 डिपो हैं।
खास बात यह है कि सीएसडी को हुआ मुनाफा फ्यूचर रिटेल, डी-मार्ट, शॉपर्स स्टॉप और टाटा ट्रेंट के कुल प्रॉफिट से भी अधिक है। इस साल अप्रैल में सीएसडी को पिछले दो साल में कई राज्यों से वैट रिफंड मिलने और प्राइसिंग नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर प्रॉफिट लगाने से 1,100 करोड़ का प्रॉफिट हुआ है।
वहीं सीएसडी ने कहा कि एक्सेप्शनल इनकम में बढ़ोतरी से उसके मुनाफे में बढ़ोतरी हुई है। बालादित्या ने कहा, हमें हर साल बैलेंस शीट में वैट रिफंड के लिए एनपीए के तौर पर प्रोविजन करना पड़ता था। पिछले दो साल में हमने 6 राज्यों के सामने इस मामले को उठाया, जिसके बाद हमें रिफंड मिला। इस वन-टाइम गेन के दौर पर दर्ज किया। सीएसडी को गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और मध्य प्रदेश से 700 करोड़ का रिफंड मिला है।
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