यहां पर आपको जुलाई महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के बारे में बताएंगे।
जुलाई में खुदरा महंगाई दर घटकर 4.17 प्रतिशत पर आ गई है। इससे पहले जून में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित दर पांच महीने के टॉप 4.92 प्रतिशत पर थी। जुलाई 2017 में सीपीआई 2.36 प्रतिशत पर रही थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दाल, सब्जियों और चीनी की कीमतों में गिरावट के चलते खाने-पीने की चीजों की महंगाई घटकर 1.37 प्रतिशत पर आ गई। तो वहीं जून में फूड Inflation 2.91 प्रतिशत पर था। जबकि रॉयटर्स पोल में जुलाई 2018 में खुदरा महंगाई 4.51 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया गया था।

आंकड़ों के अनुसार फिलहाल ईंधन और बिजली मुद्रास्फीति जुलाई में बढ़कर 7.96 प्रतिशत हो गया, जो जून में 7.14 प्रतिशत के स्तर पर था जबकि सब्जियों की कीमतों में गिरावट रही। जून के 7.8 प्रतिशत के मुकाबले सब्जियों की महंगाई दर जुलाई में 2.2 प्रतिशत पर आ गई।
आपको बता दें कि रिजर्व बैंक रिटेल महंगाई को ट्रैक करता है। इसलिए आरबीआई की पॉलिसी दरों के लिहाज से खुदरा महंगाई दर का आंकड़ा अहम है। इसके अलावा 1 अगस्त को मंथली मौद्रिक नीति समीक्षा में रिजर्व बैंक ने 2018-19 की दूसरी छमाही के लिए खुदरा महंगाई दर का अनुमान बढ़ाकर 4.8 प्रतिशत कर दिया है, जो कि पहले 4.7 प्रतिशत था।


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