इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आकलन वर्ष 2017-18 में दायर 6.86 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न में सिर्फ 0.35 प्रतिशत की ही जांच होगी।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आकलन वर्ष 2017-18 में दायर 6.86 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न में सिर्फ 0.35 प्रतिशत की ही जांच होगी। इस बारे में CBDT के चेयरमैन का मानना है कि विभाग को आयरकदाताओं पर भरोसा है लेकिन टैक्स चोरी करने वालों को रियायत नहीं मिलेगी। उनका कहना है कि जो 0.35 प्रतिशत मामले जांच के लिए चुने गए हैं उनमें से 0.15 प्रतिशत की सीमित जांच होगी और 0.20 प्रतिशत की पूर्ण जांच होगी, उन्होंने कहा है कि इसका मतलब है कि बड़ी कर चोरी वाले मामलों की ही जांच होगी।

आपको बता दें कि आयकर प्रणाली में जांच की प्रक्रिया के तहत करदाता को उनके आयकर रिटर्न की समीक्षा के बाद आकलन अधिकारी को कई दस्तावेज देने को कहा जाता है। आयकर रिटर्न की जांच आयकरदाताओं के लिए परेशानी का कारण होती है। पूर्व में करीब एक प्रतिशत आयकर रिटर्न को जांच के लिए छांटा जाता था। अब इस आंकड़े को घटाकर 0.35 प्रतिशत पर लाया गया है।
सीबीडीटी के चेयरमैन ने यह भी कहा कि कर अधिकारियों ने विभाग के पास आंकड़ों के आधार पर 4,700 अभियोजन के मामले दायर किए थे। उन्होंने यह भी कहा कि आप अपना पैसा टैक्स पनाहगाह या किसी अन्य देश में भेज सकते हैं, लेकिन हमारे पास कई देशों के साथ सूचनाओं की स्वत: आदान-प्रदान की प्रणाली है इसलिए कोई बच नहीं सकता, हमारे पास सारी सूचनाएं हैं।


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