सरकारी नौकरी और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे माराठा संगठनों ने गुरूवार को महाराष्ट्र बंद का ऐलान किया है। इस आंदोलन को ध्यान में रखते हुए पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यव
सरकारी नौकरी और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे माराठा संगठनों ने गुरूवार को महाराष्ट्र बंद का ऐलान किया है। इस आंदोलन को ध्यान में रखते हुए पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बता दें क्योंकि पिछले महीने हुए आंदोलन में बड़े पैमाने पर हिंसा और आगजनी हुई थी। वहीं अधिकारियों ने फिर हिंसा की आशंका को देखते हुए कुछ इलाकों में स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने के आदेश दिए है।
नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में मराठा
जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आश्वासन दिया था कि सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में मराठा लोगों को आरक्षण मुहैया कराने के लिए उनकी सरकार काम कर रही है जो कानून के हिसाब से ठीक हो। जबकि उनके आश्वासन के बाद भी बंद का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आरक्षण के बारे में कदम उठाने के लिए नवंबर तक का समय मांगा है।

पुलिस की मदद के लिए होमगार्ड के जवान भी तैनात किए
सुत्रों की माने तो सरकार ने बंद के देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर छह कंपनियां और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षाबल एवं राज्य रिजर्व पुलिस बल की एक-एक कंपनी तैनात की है। उन्होंने बताया कि विभिन्न स्थानों पर पुलिस की मदद के लिए होमगार्ड के जवान भी तैनात किए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस ने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और कानून व्यवस्था को हाथ में नहीं लेने की अपील की है। इतना ही नहीं पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर रखेगी। राज्य के मुख्य सचिव डी के जैन ने बंद से पहले सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उपनगरीय रेल सेवा सुचारु ढंग से चले तथा स्कूल एवं अन्य सेवाएं प्रभावित न हों।
इससे पहले प्रदर्शन 23 जुलाई को हुई
आपको बताना चाहेंगे कि इससे पहले हुए प्रदर्शन के दौरान 23 जुलाई को 27 वर्षीय एक युवक ने औरंगाबाद के नजदीक गोदावरी नदी में छलांग लगा दी थी जिसके बाद लोग हिंसक हो गए थे। आरक्षण की मांग के समर्थन में मराठा समुदाय के कई लोगों ने खुदकुशी कर ली थी। वहीं महाराष्ट्र के कुछ हिस्से खासकर नवी मुंबई के कोपरखैरने और कलमबोली में पिछले महीने मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा हुई थी।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा
हालांकि मराठा समाज के नेता अमोल जाधवराव ने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा। उन्होंने कहा, 'मैं मराठा युवकों से अपील करता हूं कि खुदकुशी नहीं करें। इससे समुदाय और इसके हितों को सहयोग नहीं मिलेगा।' उन्होंने सीएम फडणवीस पर भी आरोप लगाया कि वे केवल कुछ मराठा लोगों से बात कर रहे हैं और समुदाय के अंदर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं और आंदोलन की गति को कमजोर करने की कोशिश में लगे हुए हैं।
More From GoodReturns

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके

Indo-MIM Listing Today: आज बाजार में होगी धमाकेदार एंट्री! लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सही तरीका

Gold Outlook: Buy on Dip या Sell on Rise? गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर Expert Strategy!



Click it and Unblock the Notifications