गुरुवार को एप्पल एक ट्रिलियन डॉलर (लगभग 68,620 अरब रुपये) की पहली लिस्टेड कंपनी हो गई। जैसा कि एप्पल कंपनी के आकार का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि यह कंपनी भारतीय अर्थव्यवस्था का 38 फीसदी
गुरुवार को एप्पल एक ट्रिलियन डॉलर (लगभग 68,620 अरब रुपये) की पहली लिस्टेड कंपनी हो गई। जैसा कि एप्पल कंपनी के आकार का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि यह कंपनी भारतीय अर्थव्यवस्था का 38 फीसदी है। हम आपको बता दें कि भारत हाल में करीब 2.6 ट्रिलियन डॉलर की GDP के साथ फ्रांस को पीछे छोड़ दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है।

आईफोन बनाने वाली यह कंपनी चाहे तो करीब 3 अरब डॉलर की इकॉनमी वाले पाकिस्तान जैसे देश को अकेले ही खरीद सकती है। इस बात से अवगत करा दें कि एप्पल भारत की दो सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और टीसीएस से करीब 10 गुना बड़ी कंपनी है। वहीं वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया के 193 देशों में से सिर्फ 16 ही देश हैं जिनकी जीडीपी एप्पल की मार्केट कैप से ज्यादा है, यानी 177 देशों से ज्यादा अमीर है एप्पल। एप्पल कंपनी की वैल्यू इस समय करीब-करीब इंडोनेशिया की जीडीपी के बराबर है।
एप्पल का स्टॉक 2.8 प्रतिशत ऊपर उठा, जिसके बाद इसमें अब तक 9 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई। मंगलवार को ही अपने नतीजों का ऐलान किया था। बुधवार को ऐपल के शेयर में 6% तेजी आई। इसके बाद गुरुवार को कुछ गिरावट आई, लेकिन ऐसा ज्यादा देर नहीं हुआ और तेजी लौट आई।
इससे पहले शंघाई के शेयर बाजार में पेट्रोचाइना का मार्केट वैल्युएशन इस स्तर तक पहुंचा था। ऐसे में एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने वाली कंपनियों में एप्पल अमेरिका पहली और दुनिया की दूसरी कंपनी है। हम बता दें 1980 में लिस्टेड कंपनी बनने के बाद से अब तक एप्पल ने 50 हजार प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।


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