यहां पर आपको आरबीआई की मौद्रिक नीति के स्टेटमेंट के बारे में बताएंगे जिसकी मीटिंग रिजर्व बैंक के द्वारा आयोजित की गई थी।
भारत के केंद्रीय बैंक ने आज दो महीने से भी कम समय में दूसरी बार ब्याज दरों में वृद्धि की, जिससे ऋण ब्याज दरों में और वृद्धि की संभावनाएं बढ़ीं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज रेपो दरों में वृद्धि की है। इन ब्याज दरों में वृद्धि से अब बैंकों से लोन प्राप्त करना थोड़ा महंगा पड़ सकता है।

आरबीआई ने रेपो रेट 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है। रेपो रेट वो रेट होता है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है। तो वहीं रिवर्स रेपो रेट भी 0.25 प्रतिशत बढ़कर 6.25 प्रतिशत हो गया है। मौद्रिक नीति समिति ने कहा कि घरेलू स्तर पर महंगाई को लेकर अनिश्चितता का दौर है इसलिए आने वाले महीनों में इस पर करीब से नजर बनाए रखने की जरूरत है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2019 में जीडीपी ग्रोथ अनुमान को 7.4 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। आरबीआई के अनुसार अप्रैल-सितंबर में जीडीपी ग्रोथ 7.5-7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। तो वहीं, जुलाई-सितंबर के बीच महंगाई दर 4.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। साथ ही अक्टूबर-मार्च के बीच महंगाई दर 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। आपको बता दें कि मॉनिटरी पॉलिसी की अगली बैठक 3-5 अक्टूबर को हो सकती है।
बता दें कि अक्टूबर 2013 के बाद पहली बार आरबीआई ने लगातार दो बार रेपो रेट में बढ़ोत्तरी की है। आपको बता दें कि आरबीआई जिस रेट पर बैंकों को शॉर्ट टर्म लोन देता है उसे रेपो रेट कहते हैं। रिवर्स रेपो रेट उस रेट को कहते हैं जिस पर कमर्शियल बैंक आरबीआई को लोन देते हैं।


Click it and Unblock the Notifications