रिलायंस जियो इंफोकॉम अप्रैल-जून तिमाही में रेवेन्यू मार्केट शेयर के लिहाज से देश की दूसरी बड़ी टेलिकॉम कंपनी बन सकती है। वोडाफोन इंडिया को पीछे छोड़ेगी, जिसके सर्विस रेवेन्यू में 31 प्रतिशत की
रिलायंस जियो इंफोकॉम अप्रैल-जून तिमाही में रेवेन्यू मार्केट शेयर के लिहाज से देश की दूसरी बड़ी टेलिकॉम कंपनी बन सकती है। वोडाफोन इंडिया को पीछे छोड़ेगी, जिसके सर्विस रेवेन्यू में 31 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। जियो कुमार मंगलम बिड़ला की आइडिया सेल्युलर के साथ मर्जर के आखिरी दौर में है। ब्रोकरेज फर्म सीएलएसएस का अनुमान है कि जियो का आरएमएस एवरेज रेवेन्यू पर यूजर मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन के चलते अप्रैल-जून के दौरान 3 प्रतिशत बढ़कर 23 प्रतिशत हो जायेगा।

हालांकि वोडाफोन इंडिया-आइडिया का मर्जर आखिरी दौर में है। इसके अगले महीने में पूरा होने की उम्मीद है। वहीं मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी 37 पर्सेंट आरएमएस के साथ देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम फर्म बन जाएगी। हम आपको बता दें कि इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि मर्जर प्रोसेस को जल्द पूरा करने की जरूरत है क्योंकि दोनों कंपनियां प्राइस वॉर के चलते अपना यूजर बेस जियो के हाथों गंवा रही हैं। जियो ने मार्च तिमाही में आरएमएस के मोर्चे पर आइडिया पर बढ़त बना ली थी। वह वोडाफोन इंडिया के भी काफी करीब पहुंच गई थी, जिसने 21 प्रतिशत आरएमएस दर्ज किया था। मुकेश अंबानी की जियो अग्रेसिव प्राइसिंग स्ट्रैटिजी से प्रतिद्वंद्वियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है। मार्च तिमाही में जियो का आरएमएस करीब 20 प्रतिशत था। वहीं ऐनालिस्ट्स का मानना है कि एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के लिए वित्तीय चुनौतियां बनी रहेंगी, क्योंकि जियो के टैरिफ बढ़ाने की संभावना नहीं है।
पिछले हफ्ते देश की सबसे नई टेलिकॉम कंपनी ने लगातार तीसरे क्वॉर्टर में मुनाफे में होने की खबर दी थी। कंपनी का मुनाफा अप्रैल-जून में 612 करोड़ रुपये पर हो गया था। वहीं, मार्केट लीडर एयरटेल को कंसॉलिडेटेड बेसिस पर 97.3 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ, जिसमें कंपनी के अफ्रीकी ऑपरेशन से वन-टाइम एक्सेप्शनल गेन भी शामिल है।


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